अमित शाह पर टिप्पणी मामले में राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ीं, 8 साल बाद पूरी हुई सुनवाई; 26 अक्टूबर को आएगा फैसला
Rahul Gandhi Amit Shah Defamation Case: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ सुनवाई पूरी हो गई है। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित विशेष अदालत ने मामले में फैसला सुनाने के लिए 26 अक्टूबर की तारीख तय की है। करीब आठ साल पुराने इस मामले में चार दिनों तक चली अंतिम बहस के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है।
सुलतानपुर: विशेष अदालत में पूरी हुई अंतिम सुनवाई
सुलतानपुर: अमित शाह पर टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मानहानि मुकदमे में एमपी-एमएलए विशेष अदालत में अंतिम सुनवाई पूरी हो गई। अदालत में राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ल और शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता संतोष पांडेय ने अपने-अपने तर्क और साक्ष्य पेश किए।
मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत में हुई। चार दिनों तक चली बहस में दोनों पक्षों ने अपने पक्ष में दलीलें रखीं। इसके बाद अदालत ने फैसला सुनाने के लिए 26 अक्टूबर की तारीख निर्धारित कर दी।
बीजेपी नेता ने 2018 में दर्ज कराया था मुकदमा
यह मामला वर्ष 2018 का है, जब बीजेपी नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। विजय मिश्रा ने चार अगस्त 2018 को सुल्तानपुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में रहने वाले राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
जिले में एमपी-एमएलए कोर्ट के गठन के बाद इस मामले की सुनवाई में तेजी आई। विशेष अदालत ने राहुल गांधी को 27 नवंबर 2023 को मुकदमे की सुनवाई के लिए तलब किया था। इसके बाद राहुल गांधी 20 फरवरी 2024 को अदालत में पेश हुए थे, जहां उन्हें जमानत मिल गई थी।
राहुल गांधी ने लगाया था राजनीतिक साजिश का आरोप
मामले में बयान दर्ज कराने के लिए राहुल गांधी 25 जुलाई 2024 को अदालत पहुंचे थे। उन्होंने कोर्ट में कहा था कि राजनीतिक द्वेष के कारण उनकी और कांग्रेस पार्टी की छवि खराब करने के उद्देश्य से यह मुकदमा दर्ज कराया गया है।
राहुल गांधी ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा था कि जिस वीडियो सीडी के आधार पर मामला दर्ज किया गया है, वह सत्यापित नहीं है और उसमें छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने अदालत के सामने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया था।
इसके बाद दोबारा बयान दर्ज कराने के दौरान भी राहुल गांधी अपने पुराने बयान पर कायम रहे। अब आठ साल पुराने इस मामले में अदालत 26 अक्टूबर को अपना फैसला सुनाएगी।
