चेहरे पर मुंहासों से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें ये 4 ड्रिंक्स, त्वचा की देखभाल में मिल सकती है मदद
नई दिल्ली: चेहरे पर मुंहासे निकलना एक आम समस्या है, जो हार्मोन में बदलाव, त्वचा में अधिक तेल बनने, रोमछिद्र बंद होने और कुछ अन्य कारणों से हो सकती है। त्वचा की नियमित सफाई के साथ संतुलित खानपान भी उसकी सेहत के लिए जरूरी है। नीम, ग्रीन टी, आंवला और अदरक जैसी चीजों से बने पेय पौष्टिक आहार का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि, इनके सेवन से मुंहासे पूरी तरह खत्म होने की गारंटी नहीं है और ये मुंहासों के इलाज का विकल्प भी नहीं हैं।
1. नीम और शहद का पेय
नीम की पत्तियों का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से त्वचा की देखभाल में किया जाता रहा है। इस पेय को बनाने के लिए साफ पानी में नीम की कुछ पत्तियां डालकर कुछ देर छोड़ दें। हालांकि, नीम का पानी पीने से मुंहासे ठीक होने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।
शहद मिलाने से पेय का स्वाद बेहतर हो सकता है, लेकिन इसमें प्राकृतिक शर्करा होती है। इसलिए इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें। नीम का गाढ़ा अर्क या औषधीय मात्रा में नीम का सेवन बिना चिकित्सकीय सलाह के न करें।
2. ग्रीन टी और नींबू
ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं। इसे बनाने के लिए एक कप गर्म पानी में ग्रीन टी डालकर कुछ मिनट तक रखें। इसके बाद छान लें और स्वाद के लिए थोड़ा नींबू का रस मिला सकते हैं।
ग्रीन टी संतुलित दिनचर्या का हिस्सा हो सकती है, लेकिन इसे मुंहासों का प्रमाणित उपचार नहीं माना जाता। नींबू का रस पेय में मिलाकर पीना ठीक है, मगर इसे सीधे चेहरे पर लगाने से त्वचा में जलन हो सकती है। ग्रीन टी में कैफीन भी होता है, इसलिए इसका सेवन अपनी सहनशीलता के अनुसार करें।
3. आंवला और अदरक का पेय
आंवला विटामिन सी का अच्छा स्रोत है, जबकि अदरक का इस्तेमाल भोजन और पेय पदार्थों में किया जाता है। इस पेय को बनाने के लिए थोड़े आंवले का रस पानी में मिलाएं और स्वाद के लिए अदरक का बहुत कम रस डालें। चाहें तो इसे छानकर पी सकते हैं।
आंवला और अदरक संतुलित आहार में शामिल किए जा सकते हैं, लेकिन इनके सेवन से मुंहासे दूर होने या त्वचा के दाग मिटने की गारंटी नहीं है। यदि आपको एसिडिटी या पेट में जलन की समस्या रहती है, तो अदरक और आंवले की मात्रा का ध्यान रखें।
4. लेमनग्रास, हल्दी और काली मिर्च का पेय
लेमनग्रास, हल्दी और काली मिर्च से बना पेय भी खानपान में शामिल किया जा सकता है। इसे बनाने के लिए गर्म पानी में थोड़ी लेमनग्रास और चुटकी भर हल्दी डालकर कुछ मिनट तक उबालें। इसके बाद छानकर जरूरत के अनुसार बहुत थोड़ी काली मिर्च मिलाएं।
हल्दी में करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है, जिस पर सूजन से जुड़े प्रभावों को लेकर अध्ययन हुए हैं। हालांकि, इस पेय को मुंहासों का निश्चित इलाज नहीं माना जा सकता। हल्दी या अन्य मसालों का अत्यधिक सेवन करने से बचें।
मुंहासों से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
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चेहरे को दिन में दो बार हल्के क्लींजर से साफ करें।
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मुंहासों को बार-बार छूने या दबाने से बचें।
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त्वचा के अनुकूल और रोमछिद्र बंद न करने वाले उत्पाद चुनें।
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संतुलित भोजन करें और मीठे पेय तथा अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखें।
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पर्याप्त नींद लें और तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश करें।
यदि मुंहासे लंबे समय तक बने रहें, दर्दनाक हों या चेहरे पर निशान पड़ने लगें, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। सही उपचार से मुंहासों को नियंत्रित करने और दाग पड़ने का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।
