जीभ सफेद पड़ने के पीछे क्या है वजह? कहीं मुंह की समस्या या बीमारी का संकेत तो नहीं
1. जीभ सफेद होने की क्या है वजह?
जीभ पर सफेद परत जमने के कई कारण हो सकते हैं। आमतौर पर जीभ की सतह पर मृत कोशिकाएं, बैक्टीरिया और भोजन के छोटे कण जमा होने से उसका रंग सफेद दिखाई देने लगता है। मुंह की ठीक से सफाई नहीं करना, पानी कम पीना और मुंह में सूखापन भी इसकी वजह हो सकते हैं।
कुछ मामलों में मुंह में मौजूद फंगस या बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने से भी जीभ पर सफेद परत नजर आ सकती है। हालांकि, केवल जीभ का सफेद होना इस बात का पक्का संकेत नहीं है कि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो गई है। इसके सही कारण का पता लक्षणों और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय जांच से लगाया जा सकता है।
2. किन परिस्थितियों में जीभ सफेद हो सकती है?
कुछ लोगों में इलाज या स्वास्थ्य संबंधी दूसरी समस्याओं के दौरान भी जीभ पर सफेद परत दिखाई दे सकती है। कीमोथेरेपी करा रहे मरीजों में मुंह से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, लंबे समय से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों या कुछ दवाओं का सेवन करने वालों में भी जीभ के रंग में बदलाव देखा जा सकता है।
कुछ मामलों में कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में मुंह के फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। एचआईवी संक्रमण के कारण प्रतिरक्षा प्रणाली प्रभावित होने पर भी मुंह से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, सिर्फ जीभ सफेद होने से एचआईवी या किसी अन्य गंभीर बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
3. सफेद जीभ से राहत पाने के लिए क्या करें?
अगर जीभ पर सफेद परत दिखाई दे रही है, तो सबसे पहले मुंह की साफ-सफाई पर ध्यान दें। दिन में दो बार दांत साफ करें और जीभ को भी हल्के हाथ से साफ रखें। पर्याप्त पानी पीना और मुंह में नमी बनाए रखना भी मददगार हो सकता है।
अगर सफेद परत लंबे समय तक बनी रहती है, बार-बार लौटती है या इसके साथ दर्द, जलन अथवा निगलने में परेशानी होती है, तो डॉक्टर या दंत चिकित्सक से सलाह लें। इलाज का तरीका समस्या के वास्तविक कारण पर निर्भर करता है।
4. खानपान और दिनचर्या का भी रखें ध्यान
सेहतमंद रहने के लिए अपने भोजन में फल, सब्जियां और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। नियमित शारीरिक गतिविधि करें और पर्याप्त नींद लें। तनाव कम करने के लिए योग या ध्यान का सहारा लिया जा सकता है।
बिना डॉक्टर की सलाह के इम्यूनिटी बढ़ाने वाले सप्लीमेंट्स या दवाओं का सेवन न करें। अगर जीभ की सफेदी किसी संक्रमण या दवा के असर से जुड़ी है, तो केवल खानपान में बदलाव करने से समस्या दूर होना जरूरी नहीं है। लगातार लक्षण बने रहने पर सही जांच और उपचार कराना महत्वपूर्ण है।
