मणिपुर में हिंसा के विरोध में आज बंद, कांगपोकपी में 24 घंटे तक रहेगा असर; एंबुलेंस और दमकल सेवाओं को छूट
कुकी-जो समुदाय की गिरफ्तारियों पर जताई चिंता
COTU ने अपने बयान में कहा है कि कुकी-जो समुदाय के लोग लगातार जान-माल के नुकसान, घरों के नष्ट होने, जबरन विस्थापन और असुरक्षा जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। संगठन का आरोप है कि समुदाय की मुश्किलों के बावजूद न्याय सुनिश्चित करने, सुरक्षा बहाल करने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।
संगठन ने तीन मैतेई नागरिकों की हत्या के मामले में कुकी-जो समुदाय के लोगों की कथित अंधाधुंध गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए हैं। COTU का कहना है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के जरिए आरोपियों की संलिप्तता स्थापित किए बिना की जा रही गिरफ्तारियां चिंता का विषय हैं।
पाओलेनमुंग थांगेओ की हत्या का भी किया जिक्र
COTU ने अपने बयान में एनएससीएन-आईएम की ओर से पाओलेनमुंग थांगेओ की हत्या का भी उल्लेख किया। संगठन के मुताबिक, इस घटना ने समुदाय के लोगों के बीच दुख और असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है।
हिंसा में 32 लोगों की मौत का दावा
COTU ने हिंसा से हुए नुकसान के आंकड़े साझा करते हुए दावा किया कि कुकी-जो समुदाय के 32 लोगों की जान गई, 30 गांव जला दिए गए, 271 मकान नष्ट हुए और 2,516 लोगों को जबरन विस्थापित होना पड़ा। संगठन का कहना है कि ये आंकड़े उन परिवारों की पीड़ा को दर्शाते हैं, जो हिंसा के बाद अपनी जिंदगी फिर से पटरी पर लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
शांतिपूर्ण बंद की अपील, आपात सेवाओं को राहत
संगठन ने बंद को न्याय, जवाबदेही, समुदाय की सुरक्षा और प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सामूहिक विरोध बताया है। COTU ने कुकी-जो समुदाय के लोगों से एकजुटता और अनुशासन के साथ बंद में शामिल होने की अपील की है।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि बंद शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा। इस दौरान आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, एंबुलेंस और जान बचाने के लिए जरूरी सेवाओं को छूट दी जाएगी।
