ममता बनर्जी के खाते में ट्रांसफर हुए 30 लाख रुपये, इंद्रनील सेन ने इसे बताया ‘रॉयल्टी’; ED ने लेनदेन में नहीं बताया कोई अपराध

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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े दुर्गा पूजा ‘प्रीव्यू शो’ मामले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ममता बनर्जी के खाते में करीब 30 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने का दावा किया है। एजेंसी के मुताबिक, यह रकम सेन की कंपनी ऑक्टेव रिकॉर्ड्स के बैंक खाते से बैंकिंग माध्यम के जरिए तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेजी गई थी। सेन ने इस भुगतान को ‘रॉयल्टी’ के तौर पर किए जाने की बात कही है।

हालांकि, ईडी ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में इस लेनदेन को लेकर ममता बनर्जी पर किसी आपराधिक कृत्य का आरोप नहीं लगाया है।

इंद्रनील सेन के खातों में 3.8 करोड़ से ज्यादा जमा होने का दावा

ईडी के मुताबिक, इंद्रनील सेन के मंत्री पद पर रहने के दौरान उनके और उनकी स्वामित्व वाली कंपनी ऑक्टेव रिकॉर्ड्स के बैंक खातों में 3.8 करोड़ रुपये से अधिक नकद जमा किए गए थे। एजेंसी ने कहा कि इसी कंपनी के खाते से करीब 30 लाख रुपये बैंकिंग माध्यम के जरिए ममता बनर्जी को ट्रांसफर किए गए।

ईडी के अनुसार, सेन ने इस रकम को रॉयल्टी के रूप में भुगतान किए जाने का दावा किया है। एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि रॉयल्टी किस मद में दी गई थी।

85 करोड़ रुपये से ज्यादा के टेंडर पर भी ED का दावा

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि इंद्रनील सेन के मंत्री रहने के दौरान पर्यटन और संस्कृति विभाग के 85 करोड़ रुपये से अधिक के कई टेंडर ध्रुवज्योति बोस और दीपेश रॉय से जुड़ी संस्थाओं को दिए गए थे। ईडी के मुताबिक, दोनों सेन के करीबी बताए जाते हैं।

एजेंसी का दावा है कि इसके बाद इन संस्थाओं से बड़ी रकम सेन के रिश्तेदारों द्वारा नियंत्रित कंपनियों में भेजी गई। जांच में इन संस्थाओं के बैंक खातों से बड़ी मात्रा में नकद निकासी का भी आरोप लगाया गया है।

दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो से जुड़ी है जांच

यह पूरा मामला मासआर्ट सोसाइटी से जुड़ा है, जिसे इंद्रनील सेन की पत्नी मधुचंदा सेन और अन्य लोगों ने शुरू किया था। आरोप है कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच दुर्गा पूजा के नाम पर लोगों से रकम जुटाई गई।

ईडी के मुताबिक, मासआर्ट के जरिए कोलकाता के 24 दुर्गा पूजा पंडालों में आयोजित ‘प्रीव्यू शो’ के लिए लोगों को 1,749 रुपये से 5,499 रुपये तक के टिकट बेचे गए। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि इस दौरान यूनेस्को के नाम और पहचान का अनधिकृत तरीके से इस्तेमाल किया गया।

ममता बनर्जी का नाम पहली बार जांच में आया

इस मामले में ममता बनर्जी का नाम पहली बार ईडी की जांच से जुड़े दावे में सामने आया है। हालांकि, एजेंसी ने उन्हें मामले में आरोपी नहीं बताया है और 30 लाख रुपये के इस लेनदेन को लेकर अपनी प्रेस विज्ञप्ति में किसी आपराधिक कृत्य का आरोप भी नहीं लगाया।

सितंबर के अंत में ईडी ने इंद्रनील सेन से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए भी बुलाया गया था। वहीं, ममता बनर्जी के गुट की ओर से जांच को पक्षपातपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया गया है कि ईडी के 98 फीसदी मामले विपक्षी नेताओं के खिलाफ हैं।

 

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