हरियाणा में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, नेक्स्ट जेन ई-चालान सिस्टम लागू; 3 दिन में नोटिस, 45 दिन में फैसला

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चंडीगढ़। हरियाणा में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब कार्रवाई की प्रक्रिया और ज्यादा डिजिटल व समयबद्ध होगी। हरियाणा पुलिस ने पूरे प्रदेश में नेक्स्ट जेन ई-चालान प्रणाली लागू कर दी है। नई व्यवस्था में यातायात नियम तोड़ने से लेकर चालान के निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से होगी। तय समय के भीतर वाहन चालक की ओर से कोई कदम नहीं उठाने पर चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा।

16 जून से लागू है नई ई-चालान व्यवस्था

पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय, पंचकूला में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण की समीक्षा की।

एडीजीपी विकास अरोड़ा ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की 20 जनवरी 2026 की अधिसूचना के अनुरूप हरियाणा में 16 जून 2026 से नेक्स्ट जेन ई-चालान प्रणाली लागू की गई है।

3 दिन में नोटिस, 45 दिन में चालान स्वीकार या चुनौती

नई व्यवस्था के तहत ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होने के तीन दिन के भीतर वाहन चालक को नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद चालान स्वीकार करने या उसे चुनौती देने के लिए 45 दिन का समय मिलेगा।

अगर इस अवधि में वाहन चालक ने कोई कार्रवाई नहीं की तो चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा। वहीं, चालान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पर उसका निस्तारण 30 दिन के भीतर करना अनिवार्य होगा। तय समय में शिकायत का निपटारा नहीं होने पर शिकायत भी स्वतः स्वीकार मानी जाएगी।

इसके लिए हर जिले में एक नोडल अधिकारी और दो शिकायत निवारण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। अगर शिकायत खारिज हो जाती है तो वाहन चालक चालान की 50 प्रतिशत राशि जमा करके अदालत में उसे चुनौती दे सकेगा। स्वीकार किए गए चालान का भुगतान 90 दिन के भीतर करना होगा।

लंबित चालान पर वाहन संबंधी सेवाएं रुक सकती हैं

केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 167(12) के तहत लंबित चालान का निस्तारण होने तक संबंधित वाहन के पंजीकरण या चालक के लाइसेंस से जुड़ी सेवाओं पर रोक लगाई जा सकती है। ऐसे वाहन को पोर्टल पर भी चिह्नित किया जा सकता है।

नियम 167(13) के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पुलिस अधिकारियों को मोटर वाहन को हिरासत में लेने का अधिकार भी है।

जाम लगने से पहले ट्रैफिक पुलिस करेगी तैयारी

डीजीपी अजय सिंघल ने अधिकारियों को ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए पहले से तैयारी करने और डेटा आधारित ट्रैफिक प्रबंधन अपनाने के निर्देश दिए हैं।

कंट्रोल रूम, डिजिटल मैपिंग और गूगल मैप्स समेत तकनीकी माध्यमों से जाम की आशंका वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाएगी। जहां नियमित रूप से जाम लगता है, वहां पहले से पुलिस बल तैनात करने, ट्रैफिक डायवर्जन और अन्य जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी पुलिस का जोर अब जाम लगने के बाद कार्रवाई करने के बजाय उसे पहले ही रोकने पर रहेगा।

27 स्क्रैपिंग सेंटरों में पुराने वाहन होंगे स्क्रैप

बैठक में एनसीआर में बीएस-3 और इससे नीचे के वाहनों पर प्रतिबंध के साथ वाहन स्क्रैपिंग नीति की भी समीक्षा की गई। एडीजीपी ट्रैफिक ने बताया कि प्रदेश में पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग के लिए 27 सेंटर स्थापित किए गए हैं।

पात्र वाहन मालिक पुराने वाहनों को स्क्रैप करवाकर निर्धारित स्क्रैप मूल्य, वाणिज्यिक कर में छूट और नया वाहन खरीदने पर नियमों के तहत मिलने वाली रियायतों का लाभ उठा सकते हैं। डीजीपी ने अधिकारियों को स्क्रैपिंग नीति के बारे में लोगों को जागरूक करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर इसे प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

 

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