पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक बढ़त के पीछे ये रहे 5 बड़े चेहरे, जिन्होंने चुपचाप बदल दिया पूरा चुनावी समीकरण

amit_shah_bengal_elections_1777874844094_1777874855941

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। पहली बार बंगाल में भाजपा सरकार बनने की तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जारी रुझानों के मुताबिक भाजपा 144 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 76 सीटों पर आगे चल रही है।

ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार के दौरान लगातार ‘बांग्ला अस्मिता’ और क्षेत्रीय पहचान का मुद्दा उठाया था। 2021 के चुनाव में यही रणनीति उनके लिए कारगर साबित हुई थी, लेकिन इस बार हालात पूरी तरह बदलते नजर आए। भाजपा ने न केवल राज्यभर में अपनी पकड़ मजबूत की, बल्कि तृणमूल कांग्रेस के कई मजबूत गढ़ों में भी सेंध लगा दी।

स्थिति इतनी बदल चुकी है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट भी बेहद चर्चा में आ गई है। इससे पहले 2021 में ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से हार चुकी थीं।

बंगाल जीत के ‘साइलेंट हीरो’ बने बीजेपी के रणनीतिकार

पश्चिम बंगाल में भाजपा की इस बड़ी बढ़त के पीछे कई स्थानीय नेताओं की मेहनत रही, लेकिन पार्टी के भीतर उन नेताओं की भी चर्चा तेज हो गई है जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर चुनावी जमीन तैयार की।

राज्य भाजपा के नेताओं शुभेंदु अधिकारी और दिलीप घोष ने जहां लगातार आक्रामक प्रचार किया, वहीं दूसरे राज्यों से आए कुछ नेताओं ने संगठन और रणनीति की कमान संभाली।

इनमें सबसे प्रमुख नाम पश्चिम बंगाल प्रभारी मंगल पांडेय का माना जा रहा है। इसके अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव को भी इस जीत का अहम रणनीतिकार माना जा रहा है। चुनावी प्रबंधन में उनकी भूमिका को लेकर पार्टी के भीतर काफी चर्चा है।

अमित शाह के करीबी नेताओं पर रहा पूरा भरोसा

भूपेंद्र यादव को भाजपा का चुनावी रणनीति विशेषज्ञ माना जाता है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक वह लंबे समय तक पश्चिम बंगाल में डटे रहे और चुनावी प्रबंधन की निगरानी करते रहे। उनकी सीधी रिपोर्टिंग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बताई जा रही थी।

इसी तरह संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने भी कई महीनों तक बंगाल में रहकर बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का काम किया। भाजपा के सह-प्रभारी बिप्लब कुमार देब भी लगातार राज्य में सक्रिय रहे और चुनावी अभियान को धार देने में जुटे रहे।

इन नेताओं की भूमिका को भाजपा की इस बढ़त का बड़ा कारण माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि बंगाल की जीत से अमित शाह का राजनीतिक कद और मजबूत हुआ है।

चुनाव खत्म होने के बाद भी जारी रही रणनीतिक बैठकों की तैयारी

भाजपा ने पश्चिम बंगाल चुनाव को बेहद गंभीरता से लिया था। चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार राज्य का दौरा करते रहे। मतदान खत्म होने के बाद भी पार्टी की रणनीतिक बैठकों का दौर जारी रहा।

जानकारी के मुताबिक वोटिंग के बाद कोलकाता में भाजपा नेताओं की एक अहम बैठक हुई थी, जिसमें राज्य के राजनीतिक हालात और संभावित चुनावी नतीजों पर विस्तार से चर्चा की गई थी।

भाजपा नेताओं का मानना है कि इस चुनावी सफलता ने पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति को नई ऊर्जा दी है और पूर्वी भारत में उसकी पकड़ पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Samayik Sahara के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...

एक नज़र