कांवड़ यात्रा को निशाना बनाने की साजिश नाकाम! पंजाब से लाए गए नकली नोटों के साथ 10 गिरफ्तार, हरिद्वार पुलिस का बड़ा खुलासा

kanwar-yatra_1783400731621_17834

हरिद्वार: कांवड़ यात्रा से पहले हरिद्वार में नकली नोट खपाने की कथित साजिश का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पिछले कुछ दिनों में सामने आए तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस ने कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक लाख 85 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों का उद्देश्य कांवड़ यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान भारी भीड़ का फायदा उठाकर बाजारों में नकली नोट चलाना था।

पुलिस के अनुसार, तीनों मामलों में दो घटनाएं श्यामपुर थाना क्षेत्र और एक मामला शहर कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी भीड़भाड़ वाले बाजारों, दुकानों और छोटे कारोबारियों को निशाना बनाकर नकली नोट खपाने की योजना बना रहे थे।

पंजाब से खरीदे थे नकली नोट

शहर कोतवाली पुलिस ने सोमवार तड़के बिल्केश्वर तिराहे के पास संदिग्ध गतिविधि के आधार पर चार युवकों को पकड़ लिया। पुलिस को देखकर चारों भागने लगे, लेकिन पीछा कर उन्हें टिबड़ी तिराहे के पास गिरफ्तार कर लिया गया।

तलाशी के दौरान सरजीत सिंह के पास से 500 रुपये के 39, टिंकू के पास से 43, सुमित कुमार के पास से 41 और संजीव कुमार के पास से 46 नकली नोट बरामद हुए। इस तरह चारों के कब्जे से 500 रुपये के कुल 169 नकली नोट, जिनकी कुल कीमत 84,500 रुपये है, बरामद किए गए।

इसके अलावा सरजीत सिंह के पास से 2,350 रुपये के असली नोट भी मिले। पुलिस का कहना है कि ये रकम कथित रूप से नकली नोट चलाकर प्राप्त की गई थी।

20 हजार रुपये में खरीदे थे दो लाख रुपये के नकली नोट

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पंजाब के गुरदासपुर में एक व्यक्ति से 20 हजार रुपये देकर 500 रुपये के 200 नकली नोट खरीदे थे। उनका इरादा कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच इन नोटों को बाजार में चलाने का था।

आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि हरिद्वार पहुंचने के बाद वे कुछ नकली नोट पहले ही बाजार में चला चुके थे। इसी से मिले 2,350 रुपये पुलिस ने उनके कब्जे से बरामद किए हैं।

तीन मामलों का कनेक्शन जिले के बाहर से

पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों मामलों का संबंध जिले के बाहर से जुड़े नेटवर्क से है। श्यामपुर थाना क्षेत्र में पकड़े गए आरोपियों ने कथित तौर पर प्रिंटर और अन्य उपकरणों की मदद से नकली नोट तैयार किए थे, जबकि शहर कोतवाली में पकड़े गए आरोपी नकली नोट पंजाब से लेकर आए थे।

पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कांवड़ यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान हरिद्वार में लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। इसी भीड़ का फायदा उठाने के लिए ऐसे गिरोह सक्रिय होने का प्रयास करते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति कौन है और इस नेटवर्क के तार किन राज्यों तक फैले हुए हैं।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Samayik Sahara के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...

एक नज़र