CJP का सरकार और सुप्रीम कोर्ट दोनों पर सख्त रुख, बोली- सभी एफआईआर बिना शर्त वापस हों, नहीं मानेंगे कोई शर्त
नई दिल्ली: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपनी अन्य मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। संगठन ने साफ कहा है कि दिल्ली समेत सभी एनडीए शासित राज्यों में आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर बिना किसी शर्त के वापस ली जाएं। सीजेपी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की शर्तों को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है।
एफआईआर वापसी और मुआवजे की दो प्रमुख मांगें
सीजेपी ने सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, आंदोलनकारियों के खिलाफ दिल्ली और अन्य राज्यों में दर्ज सभी मुकदमे पूरी तरह वापस लिए जाएं और इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की शर्त लागू न की जाए। दूसरी, नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले 20 से अधिक छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट की शर्तों पर भी जताई आपत्ति
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि संगठन को एफआईआर वापसी के लिए किसी भी प्रकार की शर्त स्वीकार नहीं है, चाहे वह सुप्रीम कोर्ट की ओर से ही क्यों न हो। उनका कहना है कि सरकार ‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन’ जैसी शर्तें जोड़कर कार्रवाई जारी नहीं रख सकती। उन्होंने यह भी कहा कि दर्ज मामलों की जांच जारी रखने या आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की शर्त भी संगठन को स्वीकार नहीं है।
‘आपराधिक मामलों को आधार बनाकर आंदोलनकारियों को निशाना न बनाया जाए’
सौरभ दास ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर पहले से आपराधिक मामले हैं तो सरकार उन पुराने मामलों में कानूनी कार्रवाई कर सकती है, लेकिन आंदोलन से जुड़े मामलों को इस आधार पर जारी नहीं रखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि सभी एफआईआर वापस ली जानी चाहिए ताकि वास्तविक आंदोलनकारियों को किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार को इस तरह की छूट दी गई तो इसका इस्तेमाल आंदोलन में शामिल युवाओं को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।
सरकार पर दबाव बनाए रखने की तैयारी
सीजेपी ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। संगठन का कहना है कि वह सभी आंदोलनकारियों के साथ खड़ा रहेगा और उनकी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाता रहेगा।
