CWG 2026: मां, पीएचडी और अब मेडल विनर! सीमा कालीरमन ने रचा इतिहास, रोमांचक मुकाबले में भारत को दिलाया ब्रॉन्ज

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नई दिल्ली: ग्लास्गो में जारी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की महिला डिस्कस थ्रो खिलाड़ी सीमा कालीरमन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। 27 वर्षीय एथलीट ने 58.65 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंककर अपने करियर का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक जीता। खास बात यह रही कि तीन साल के बेटे की मां और शारीरिक शिक्षा में पीएचडी कर रहीं सीमा ने कड़े मुकाबले के बीच यह उपलब्धि हासिल की।

दो वैध थ्रो ने दिलाया मेडल

महिला डिस्कस थ्रो स्पर्धा में सीमा कालीरमन के कुल दो ही थ्रो वैध रहे, जबकि बाकी प्रयास फाउल होने के कारण अमान्य घोषित हो गए। हालांकि उनके 58.65 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो ने उन्हें पदक की दौड़ में बनाए रखा। मुकाबले के अंतिम क्षणों तक कैमरून की मोनी नोरा उनके लिए चुनौती बनी रहीं, लेकिन आखिरी प्रयास में वह सीमा के प्रदर्शन को पीछे नहीं छोड़ सकीं। इसके साथ ही भारत के खाते में कांस्य पदक पक्का हो गया।

जमैका और कनाडा ने जीते स्वर्ण और रजत

इस स्पर्धा में जमैका की समांथा हॉल ने 61.66 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं कनाडा की जूलिया टंक्स ने 60.67 मीटर का थ्रो कर रजत पदक अपने नाम किया। सीमा कालीरमन तीसरे स्थान पर रहते हुए पोडियम तक पहुंचने में सफल रहीं।

मां बनने के बाद की दमदार वापसी

हरियाणा की रहने वाली सीमा कालीरमन का खेल सफर चुनौतियों से भरा रहा है। वह तीन साल के बेटे की मां हैं और साथ ही शारीरिक शिक्षा में पीएचडी भी कर रही हैं। बेटे के जन्म के बाद उन्होंने पिछले वर्ष नेशनल गेम्स के जरिए प्रतिस्पर्धी खेलों में वापसी की थी। परिवार और खेल के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने लगातार मेहनत की और अब कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतकर अपनी वापसी को यादगार बना दिया।

पति और कोच ने निभाई अहम भूमिका

सीमा के पति रवींद्र, जो स्वयं राष्ट्रीय स्तर के डिस्कस थ्रो खिलाड़ी रह चुके हैं, उनके कोच भी हैं। मां बनने के बाद प्रशिक्षण के दौरान आने वाली शारीरिक और तकनीकी चुनौतियों से उबरने में रवींद्र ने उनका लगातार मार्गदर्शन किया। इसी सहयोग और कड़ी मेहनत का परिणाम ग्लास्गो में कांस्य पदक के रूप में सामने आया।

भारतीय महिलाओं की परंपरा को रखा बरकरार

यह सीमा कालीरमन का किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहला पदक है। इसके साथ ही उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला डिस्कस थ्रो में भारत की मजबूत परंपरा को आगे बढ़ाया। यह इस स्पर्धा में भारत का नौवां पदक है, जबकि सीमा कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला डिस्कस थ्रो में पदक जीतने वाली भारत की छठी महिला एथलीट बन गई हैं।

 

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