अमेरिका-सऊदी अरब के बीच सबसे बड़ा रक्षा सौदा, 2 लाख करोड़ की सैन्य बिक्री को मंजूरी; मिलेंगे 48 F-35 विमान

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वॉशिंगटन: हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब को 48 एफ-35 लड़ाकू विमान बेचने का रास्ता साफ कर दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने 24.3 अरब डॉलर यानी करीब 2 लाख करोड़ रुपये की संभावित विदेशी सैन्य बिक्री को मंजूरी दी है। यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब सऊदी अरब हूतियों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए अमेरिका से सैन्य मदद मांग रहा है।

हालांकि, सऊदी अरब के आग्रह के बावजूद अमेरिका ने हूतियों के खिलाफ सीधे सैन्य कार्रवाई करने से इनकार किया है। इसके बजाय वॉशिंगटन ने रियाद को खुफिया जानकारी और लक्ष्य निर्धारित करने में सहायता देने की बात कही है। इसी बीच हूतियों ने सऊदी शहरों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर दबाव बढ़ाया है। ऐसे हालात में सऊदी अरब की हवाई रक्षा क्षमता मजबूत करने की जरूरत और बढ़ गई है।

सऊदी अरब को क्या-क्या मिलेगा

अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, प्रस्तावित रक्षा पैकेज में 48 एफ-35 लड़ाकू विमान और 49 प्रैट एंड व्हिटनी एफ135 इंजन शामिल हैं। इसके अलावा सुरक्षित संचार और नेविगेशन उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध सहायता, स्पेयर पार्ट्स, प्रशिक्षण, सिम्युलेटर, सॉफ्टवेयर और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी पैकेज का हिस्सा हैं।

हूती हमलों के बीच सामने आया बड़ा सौदा

पूरे घटनाक्रम को देखें तो अमेरिका ने हूतियों के खिलाफ प्रत्यक्ष सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाए रखते हुए सऊदी अरब की रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक अमेरिकी हथियारों का विकल्प दिया है। 24.3 अरब डॉलर का प्रस्तावित सौदा ऐसे समय में सामने आया है, जब क्षेत्र में सुरक्षा तनाव लगातार बना हुआ है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर ईरान के हमले का दावा

ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे टोगो के झंडे वाले एक तेल टैंकर को निशाना बनाया है। ईरानी सरकारी प्रसारक ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के हवाले से बताया कि ‘ट्रेंड’ नाम के टैंकर ने जलडमरूमध्य से गुजरने का अवैध प्रयास किया था। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने चेतावनी दी है कि होर्मुज से बिना अनुमति गुजरने वाले जहाजों को नष्ट किया जा सकता है।

इस बीच, ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी यूकेएमटीओ ने ओमान के खासाब से करीब 16 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में एक जहाज से जुड़े सुरक्षा घटनाक्रम की जानकारी दी है।

लाल सागर में हमलों पर भारत ने जताई चिंता

भारत ने लाल सागर क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लाल सागर क्षेत्र और सऊदी अरब में आर्थिक एवं नागरिक संपत्तियों पर हूती विद्रोहियों के हमले क्षेत्रीय शांति को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले बाब अल-मंदब जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक मार्गों पर नौवहन की स्वतंत्रता को प्रभावित करते हैं। भारत ने क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद जताई है।

 

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