यूपी में 2027 की सियासी तैयारी तेज, BJP ने 98 जिलों में कसी कमर तो अखिलेश ने रखा 27 हजार वोट बढ़ाने का फॉर्मूला
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था और सरकार के कामकाज को लेकर अपनी बात रखी, वहीं बीजेपी ने संगठन स्तर पर 98 जिला प्रभारियों की घोषणा कर चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाया। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में अखिलेश यादव ने हर विधानसभा में 27 हजार वोट बढ़ाने और बीजेपी के 27 हजार वोट कम करने का फॉर्मूला सामने रखा। वहीं, असदुद्दीन ओवैसी ने कानपुर में जनसभा कर मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाई।
योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के यूपी का जिक्र किया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में कहा कि पर्व-त्योहारों, वीआईपी दौरों और स्थानीय आयोजनों का आयोजन अब सुरक्षित माहौल में हो रहा है। उन्होंने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय मध्य और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में ऐसे हालात थे कि जिन परिवारों में सामर्थ्य थी, वे अपनी बेटियों को घर से दूर रिश्तेदारों या छात्रावास में पढ़ाने के लिए भेजते थे, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों को घर में रखने के लिए मजबूर होना पड़ता था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज किसी बेटी के साथ सड़क पर छेड़छाड़ करने का दुस्साहस करने वाला व्यक्ति यह जानता है कि उसे इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।
912 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में यूपी पुलिस के 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इसी कार्यक्रम में उन्होंने 2017 से पहले के कानून-व्यवस्था के दौर का जिक्र किया। उनके संबोधन में कानून-व्यवस्था का मुद्दा प्रमुख रहा और उन्होंने इसे सरकार के संकल्प से जोड़ते हुए 2027 के चुनाव को लेकर बीजेपी के विकल्प होने की बात कही।
BJP ने 98 जिला प्रभारियों की नई सूची जारी की
2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने उत्तर प्रदेश में 98 जिला प्रभारियों की घोषणा की है। नई सूची में संगठन के पुराने और अनुभवी चेहरों को जिम्मेदारी देने के साथ जातीय समीकरण का भी ध्यान रखा गया है।
98 जिला प्रभारियों में 29 ब्राह्मण नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इसके बाद ओबीसी वर्ग से 25 जिला प्रभारी बनाए गए हैं। ठाकुर समाज से 18 और बनिया समाज से 13 जिला प्रभारी हैं। दलित समाज से 5 नेताओं को जिम्मेदारी मिली है। सूची में 4 महिला जिला प्रभारी भी शामिल हैं।
रायबरेली में नीरज सिंह को मिली जिम्मेदारी
नई सूची में रायबरेली को लेकर भी चर्चा है। यहां बीजेपी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह को जिला प्रभारी बनाया है। नीरज सिंह को हाल ही में बीजेपी का उपाध्यक्ष भी बनाया गया है। रायबरेली कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सीट है। ऐसे में इस जिले की संगठनात्मक जिम्मेदारी को 2027 की चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
अखिलेश यादव का 27 हजार वोट बढ़ाने का फॉर्मूला
समाजवादी पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में अखिलेश यादव ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर दो फॉर्मूले सामने रखे। पहले फॉर्मूले के तहत उन्होंने हर विधानसभा क्षेत्र में सपा के 27 हजार वोट बढ़ाने और बीजेपी के 27 हजार वोट कम करने की बात कही।
दूसरे फॉर्मूले में अखिलेश यादव ने पीडीए में ‘डी’ यानी दलित वर्ग पर जोर दिया। उन्होंने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि उसके कार्यकाल में सबसे ज्यादा डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्तियां तोड़ी गईं। अखिलेश यादव ने दावा किया कि 72 जिलों में डॉ. आंबेडकर की 151 से अधिक मूर्तियां तोड़ी गई हैं।
कानपुर में ओवैसी की जनसभा से बढ़ी सियासी हलचल
उधर, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कानपुर में जनसभा की। उनका फोकस मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने पर है। इससे पहले सितंबर और दिसंबर 2021 में ओवैसी ने कानपुर के जाजमऊ और जीआईसी मैदान में जनसभाओं को संबोधित किया था।
करीब पांच साल बाद कानपुर में हुई उनकी जनसभा के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम मतदाताओं को लेकर चर्चा फिर तेज हुई है। ओवैसी की आने वाले दिनों में श्रावस्ती और आजमगढ़ में भी जनसभाएं प्रस्तावित हैं। इन दोनों क्षेत्रों में समाजवादी पार्टी का राजनीतिक प्रभाव रहा है। ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले विभिन्न दलों की ओर से मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिशें तेज होती दिखाई दे रही हैं।
