Paytm Payments Bank को RBI का एक और बड़ा झटका, Scheduled Banks की सूची से बाहर हुआ बैंक; पहले ही रद्द हो चुका है लाइसेंस

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नई दिल्ली: पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड पर भारतीय रिजर्व बैंक की नियामकीय कार्रवाई एक और चरण में पहुंच गई है। आरबीआई ने Paytm Payments Bank को Scheduled Banks की सूची से बाहर कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने 7 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी। यह कदम बैंक का लाइसेंस रद्द किए जाने और पिछले कई वर्षों से चल रही नियामकीय कार्रवाई के बाद उठाया गया है।

Second Schedule से हटाया गया नाम

आरबीआई के अनुसार, पेटीएम पेमेंट्स बैंक को RBI Act, 1934 की Second Schedule से बाहर कर दिया गया है। इसके लिए अधिसूचना 31 जुलाई 2026 को जारी की गई थी, जबकि सितंबर में इसे भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया। Second Schedule में शामिल बैंकों को Scheduled Bank कहा जाता है।

Scheduled Bank की सूची से बाहर होने का क्या मतलब?

RBI Act की Second Schedule में शामिल बैंकों पर केंद्रीय बैंक का निर्धारित नियामकीय ढांचा लागू होता है। इस व्यवस्था के तहत उन्हें कुछ सुविधाएं और अधिकार भी मिलते हैं। अब Paytm Payments Bank इस सूची का हिस्सा नहीं है। हालांकि, यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि बैंक के खिलाफ पहले से चल रही नियामकीय कार्रवाई की अगली कड़ी है।

2022 में ही नए ग्राहक जोड़ने पर लगी थी रोक

आरबीआई ने मार्च 2022 में Paytm Payments Bank को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था। उस समय केंद्रीय बैंक ने बैंक में गंभीर नियामकीय चिंताओं का हवाला दिया था। साथ ही बैंक को अपने सूचना प्रौद्योगिकी सिस्टम की व्यापक जांच के लिए बाहरी आईटी ऑडिट फर्म नियुक्त करने का निर्देश दिया गया था।

इसके बाद भी बैंक को नियामकीय राहत नहीं मिली और वर्ष 2024 में आरबीआई ने उस पर और कड़े कारोबारी प्रतिबंध लगा दिए।

जनवरी-फरवरी 2024 में बढ़ी थी सख्ती

31 जनवरी और 16 फरवरी 2024 को आरबीआई ने Paytm Payments Bank पर कई पाबंदियां लगाई थीं। बैंक को ग्राहकों के खातों, प्रीपेड साधनों और वॉलेट में नए जमा, क्रेडिट या टॉप-अप स्वीकार करने से रोक दिया गया था। इन प्रतिबंधों का असर बैंक के सामान्य कामकाज पर भी पड़ा था।

बैंकिंग लाइसेंस भी पहले ही हो चुका है रद्द

Paytm Payments Bank के लिए सबसे बड़ा नियामकीय झटका तब आया, जब आरबीआई ने उसका बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया। केंद्रीय बैंक ने लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई के दौरान नियामकीय नियमों के पालन में गंभीर कमियों का हवाला दिया था। आरबीआई के मुताबिक बैंक का कामकाज जमाकर्ताओं के हितों के लिए भी प्रतिकूल था।

इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने भी Paytm Payments Bank को वाइंड अप करने का आदेश दिया। PPBL पेटीएम से जुड़ी कंपनी है और इसे विजय शेखर शर्मा प्रमोट करते हैं।

ग्राहकों के लिए इसका क्या मतलब है?

Paytm Payments Bank को Scheduled Banks की सूची से बाहर किए जाने से उसकी नियामकीय स्थिति में एक और बदलाव हुआ है। हालांकि ग्राहकों के लिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि नए ग्राहक जोड़ने, नए जमा और वॉलेट टॉप-अप जैसी पाबंदियां पहले ही लगाई जा चुकी हैं। इसके अलावा बैंकिंग लाइसेंस भी रद्द हो चुका है और दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद वाइंडिंग अप की प्रक्रिया भी सामने आ चुकी है।

7 अक्टूबर को आरबीआई की यह कार्रवाई मुख्य रूप से इस बात की पुष्टि करती है कि Paytm Payments Bank अब RBI Act की Second Schedule में शामिल Scheduled Banks की सूची का हिस्सा नहीं है। यह पिछले कुछ वर्षों में बैंक के खिलाफ हुई नियामकीय कार्रवाइयों की आगे की कड़ी है।

 

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