‘मोदी जी, ये गलती मत करना’, सोनम वांगचुक का जिक्र कर केजरीवाल की चेतावनी, जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले बढ़ा सियासी तनाव
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करने की सलाह दी है। सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने युवाओं को दबाने की कोशिश की तो इसका उलटा असर हो सकता है।
‘ये जेन-जी के बच्चे हैं, किसी से नहीं डरते’
अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि जंतर-मंतर और उसके आसपास इंटरनेट बंद किए जाने तथा सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि प्रदर्शन के दौरान सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि सरकार को ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए। उन्होंने सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को लगा था कि इस कार्रवाई से आंदोलन खत्म हो जाएगा, लेकिन इसके बाद विरोध और तेज हो गया।
केजरीवाल ने संसद मार्च के दौरान कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को डराने या उनमें दहशत पैदा करने की कोशिश आंदोलन को कमजोर करने के बजाय उसे और व्यापक बना सकती है। उनके मुताबिक, आज के युवा किसी भी दबाव से डरने वाले नहीं हैं।
‘मेरा पूरा परिवार जंतर-मंतर जाएगा’
केजरीवाल ने कहा कि वह लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई में अपने पूरे परिवार के साथ जंतर-मंतर पहुंचेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देने वाले लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जबकि फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं।
उन्होंने लोगों से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की। केजरीवाल ने दावा किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग उनके इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं।
वहीं, आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि शनिवार को प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।
अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। मुंबई में शुक्रवार को उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पुलिस से अनुमति नहीं मिली है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके बावजूद विरोध-प्रदर्शन करने की योजना है।
दीपके ने दावा किया कि केंद्र सरकार जेन-जी के युवाओं से डरी हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार युवाओं से डरती है, तो उसे पूरा देश ही बंद कर देना चाहिए।
देर रात जारी वीडियो संदेश में दीपके ने कहा कि प्रदर्शनकारी पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें हिरासत में भी लिया जाता है, तब भी प्रस्तावित आंदोलन नहीं रुकेगा।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर आमने-सामने विपक्ष और सरकार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया के बीच तेज हुआ है। विपक्ष मतदाता सूची में नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर सीजेपी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किया है।
प्रदर्शन से पहले अरविंद केजरीवाल की प्रधानमंत्री मोदी को दी गई सलाह और अभिजीत दीपके के बयान ने राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। अब सबकी नजरें प्रस्तावित प्रदर्शन और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
