सूडान की सोने की खदानों पर भीषण एयरस्ट्राइक, 72 खनिकों की मौत; मानवाधिकार संगठन ने लगाया गंभीर आरोप
खार्तूम: उत्तरी सूडान में सोने की खदानों पर हुए एक हवाई हमले में छोटे स्तर पर खनन करने वाले 72 मजदूरों की मौत हो गई। मानवाधिकार संगठन इमरजेंसी लॉयर्स ने रविवार को इस घटना की जानकारी देते हुए दावा किया कि हमले के पीछे मिस्र की वायु सेना का हाथ है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और मिस्र की ओर से भी इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
मानवाधिकार संगठन ने मिस्र की वायु सेना पर लगाया आरोप
इमरजेंसी लॉयर्स ने आरोप लगाया कि यह हमला मिस्र की वायु सेना ने किया। वहीं, समाचार एजेंसी रॉयटर्स इस दावे की पुष्टि नहीं कर सकी। मिस्र की सेना ने घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि विदेश मंत्रालय ने भी प्रतिक्रिया देने के अनुरोध का जवाब नहीं दिया।
मलबे के बीच मिले शव, तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल
घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय अधिकार समूहों की ओर से साझा की गई तस्वीरों में मलबे के बीच बड़ी संख्या में शव दिखाई दे रहे हैं। कुछ तस्वीरों में कफन में लिपटे शव भी नजर आए हैं। हालांकि इन तस्वीरों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय पोस्ट में कुछ खनिकों ने हवाई हमले का जिक्र भी किया है।
‘सीमा पार हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन’
इमरजेंसी लॉयर्स का कहना है कि यदि यह हमला सीमा पार से किया गया है, तो यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना जाएगा। संगठन ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।
संघर्ष के बीच बढ़ा छोटे स्तर पर सोने का खनन
सूडान में जारी गृह संघर्ष के कारण छोटे स्तर पर सोने का खनन और अस्थायी खदानों की संख्या तेजी से बढ़ी है। संघर्ष के चलते लोगों की आजीविका के अन्य साधन प्रभावित हुए हैं और सोना दोनों पक्षों के लिए नकदी जुटाने का प्रमुख माध्यम बन गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यहां निकाले गए सोने का बड़ा हिस्सा तस्करी के जरिए मिस्र पहुंचाया जाता है।
ड्रोन हमले बन रहे युद्ध की नई रणनीति
सूडान की सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच जारी संघर्ष में हाल के महीनों में ड्रोन हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। ड्रोन अब इस युद्ध का प्रमुख हथियार बनते जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, शुक्रवार को सूडान के ब्लू नाइल राज्य में सेना के नियंत्रण वाले क्षेत्र स्थित एक विस्थापित शिविर पर ड्रोन हमले में 31 लोगों की मौत हुई थी।
