दिल्ली को अमित शाह देंगे 8,941 करोड़ की बड़ी सौगात, 36 लाख लोगों को मिलेगा फायदा; यमुना की सफाई को मिलेगी रफ्तार
358 अनधिकृत कॉलोनियों और 113 गांवों को मिलेगा लाभ
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा के मुताबिक, बाहरी दिल्ली में 29 नए विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवेज पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इनसे 358 अनधिकृत कॉलोनियों और 113 गांवों में रहने वाले करीब 36.29 लाख लोगों को फायदा मिलेगा।
इसके साथ ही राजधानी में 1,034 किलोमीटर लंबी नई सीवर लाइन बिछाने की परियोजना भी शुरू की जाएगी। इसका उद्देश्य सीवेज के प्रबंधन को बेहतर बनाना और गंदे पानी के उचित उपचार की व्यवस्था मजबूत करना है।
ओखला में बनेगा 124 एमजीडी क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
इन परियोजनाओं की प्रमुख योजनाओं में ओखला में प्रतिदिन 12.4 करोड़ गैलन यानी 124 एमजीडी क्षमता वाला नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाना शामिल है। इसके तैयार होने पर यह राष्ट्रीय राजधानी का सबसे बड़ा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट होगा। इसका निर्माण केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर कर रही हैं।
इसके अलावा दिल्ली के आठ मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी उन्नयन किया जाएगा। इनकी संयुक्त क्षमता अभी 78.2 एमजीडी यानी प्रतिदिन 7.82 करोड़ गैलन है, जिसे बढ़ाकर 140.8 एमजीडी यानी प्रतिदिन 14.08 करोड़ गैलन किया जाएगा। इस काम से करीब 78.5 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
यमुना की सफाई को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्या कहा?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि मां यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाना उनकी सरकार का संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली में भाजपा सरकार बनने के पहले दिन से ही यमुना की सफाई के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी अभियान को गति देने के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 8,941 करोड़ रुपये से अधिक की सीवरेज और जल शोधन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। उन्होंने यमुना की स्वच्छता से जुड़े इस कार्यक्रम में लोगों को आमंत्रित भी किया।
ढाई साल में पूरा होगा परियोजनाओं का काम
अधिकारियों के अनुसार, इन सभी परियोजनाओं को अगले दो से ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य है। इनके पूरा होने के बाद बिना उपचारित किया गया गंदा पानी नालों के जरिए यमुना नदी में बहने से रोकने में मदद मिलेगी।
दिल्ली सरकार ने सीवेज उपचार व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड के माध्यम से करीब 29 विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की योजना भी घोषित की थी।
जहां बड़े प्लांट नहीं बन सकते, वहां लगेंगे छोटे संयंत्र
दिल्ली में कई ऐसे इलाके हैं, जहां जमीन की कमी के कारण बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाना संभव नहीं है। ऐसे स्थानों पर विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे, ताकि स्थानीय स्तर पर ही गंदे पानी का उपचार किया जा सके।
इन योजनाओं के जरिए सीवेज प्रबंधन को मजबूत करने, यमुना में गंदे पानी का प्रवाह कम करने और राजधानी में जल शोधन की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
