प्रयत्न तो करना चाहिए पर प्रयत्न के दौरान चिंतित होना छोड़ना पड़ेगा- डा दिनेश शर्मा

 

मानसिक स्वास्थ्य एक सार्वभौमिक मानव अधिकार है-शोभित नारायण अग्रवाल

मस्तिष्क को संतुलित करना और अपने लक्ष्य को निर्धारित करना ही है सफलता का मूल मंत्र-पूर्व उप मुख्यमंत्री

कार्य में सफलता ना मिलने पर हतोत्साहित होने से ही होता है मानसिक तनाव

चिंता को छोड़कर अच्छे वातावरण में अपने को सामान्य की तरह अभ्यस्त करना है सफलता का मूल मंत्र

किसी काम की सफलता के लिए मस्तिष्क को आराम देना है आवश्यक

नींद न आने एवं सोने के पहले काफी समय तक विचार आने से भी बढ़ता है मानसिक तनाव

पढ़ाई के दौरान अन्य सहपाठियों से गला काट प्रतियोगिता नही करनी चाहिए

पूजा श्रीवास्तव

 

प्रयत्न तो करना चाहिए पर प्रयत्न के दौरान चिंतित होना छोड़ना पड़ेगा। प्रतियोगी होना बहुत अच्छी बात है किंतु प्रतियोगिता के परिणाम पर हतोत्साहित होना ही मानसिक तनाव का कारण बन जाता है। यें बातें विश्व मानसिक स्वास्थ्य महोत्सव 2023 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने सेंट जोसेफ कॉलेज सीतापुर रोड लखनऊ में कही।

 

डा शर्मा ने कहा कि मस्तिष्क को संतुलित करना और अपने लक्ष्य को निर्धारित करना ही सफलता का मूल मंत्र है इसके साथ ही आत्मसंतुष्टि यानी जो कुछ आपके पास है उसी पर संतोष करना भी मानसिक तनाव को कम करने का अच्छा तरीका है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मानसिक तनाव को लेकर कभी कभी बडी बड़ी घटनाएं हो जाती हैं। नींद न आने एवं सोने के पहले काफी समय तक विचार आने से भी मानसिक तनाव बढ़ता है।वास्तविक मानसिक स्वास्थ्य के बारे में अध्ययन करने की बहुत अधिक जरूरत है।विचारों को अपने अनुसार ही ढालने का प्रयास करना चाहिए दूसरों की तरह ढालने का प्रयास करने पर समस्या खड़ी हो जाती है। उनका यह भी कहना था कि सबकी सुनना चाहिए किंतु निर्णय अपने हिंसाब से लेना चाहिए।जीवन में सफलता के जो विभिन्न प्रकार के टिप्स हैं उनको देखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान पड़ोसी की पढ़ाई से तुलना नही करनी चाहिए। उन्होंने उपस्थित बच्चों को सुझाव दिया कि कम नम्बर आने पर वे हतोत्साहित न हों।

उन्होंने अंत में बच्चों को सलाह दी कि वे बड़े बनने का न केवल सपना देखें बल्कि शुरू से ही उसे हासिल करने का प्रयास करेंगे तो उन्हें आत्मसुख की अनुभूति होगी और मंजिल तक पहुंचना उनके लिए बहुत आसान होगा।

गोल्डन फ्यूचर (पब्लिक चौरिटेबल ट्रस्ट) के संस्थापक शोभित नारायण अग्रवाल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य एक सार्वभौमिक मानव अधिकार है इस लिए मानसिक स्वास्थ्य दिवस उत्सव पर लखनऊ के विभिन्न प्रतिष्ठित स्कूलों ने गायन, नृत्य, अंग्रेजी और हिंदी भाषण और निबंध लेखन, नुक्कड़ नाटक और पेंटिंग जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करा गया है।

विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा, मानसिक स्वास्थ्य पर पैनल चर्चा भी हुई।
आयोजन का विषय है मानसिक स्वास्थ्य एक सार्वभौमिक मानव अधिकार है। प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन 12 प्रतिष्ठित न्यायाधीशों द्वारा किया जाएगा और शीर्ष तीन विजेताओं को पुरस्कार, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया और सभी को भागीदारी प्रमाण पत्र भी दिए गए।

सेंट जोसेफ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की संस्थापक चेयरपर्सन पुष्पलता अग्रवाल, प्रबंध निदेशक अनिल अग्रवाल और डॉ. अंजलि गुप्ता वरिष्ठ क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट लखनऊ, डॉ. गिरीश गुप्ता वरिष्ठ सलाहकार, गौरांग होम्योपैथिक क्लिनिक रिसर्च सेंटर और लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन का सहयोग रहा।

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