Thyroid और Weight Gain का कनेक्शन: कहीं बढ़ते वजन के पीछे हाइपोथायरायडिज्म तो नहीं? अपनाएं ये 3 आसान लाइफस्टाइल बदलाव

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आज की भागदौड़ भरी और अनियमित जीवनशैली का असर सबसे ज्यादा महिलाओं की सेहत पर देखने को मिल रहा है। खासकर थायरॉयड की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जो सिर्फ गले की ग्रंथि तक सीमित नहीं है बल्कि शरीर के पूरे मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कई मामलों में अनियंत्रित वजन बढ़ने के पीछे थायरॉयड एक बड़ी वजह बनकर सामने आता है।

थायरॉयड ग्रंथि शरीर के ‘कंट्रोल रूम’ की तरह काम करती है, जो मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा उत्पादन को नियंत्रित करती है। जब यह ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोन का उत्पादन नहीं करती, तो इस स्थिति को हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है। मौजूदा समय में वजन बढ़ने की समस्या से जूझ रहे अनेक लोगों में यही स्थिति मुख्य कारण के रूप में पाई जा रही है।

वजन बढ़ने का थायरॉयड से क्या है संबंध?

हाइपोथायरायडिज्म की स्थिति में शरीर की कैलोरी जलाने की क्षमता कम हो जाती है। जब कैलोरी ऊर्जा में परिवर्तित नहीं हो पाती, तो वह शरीर में फैट के रूप में जमा होने लगती है। इसके परिणामस्वरूप पाचन प्रक्रिया सुस्त पड़ जाती है, शरीर में भारीपन महसूस होता है और लगातार थकान बनी रहती है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से इसे कफ और वात दोष के असंतुलन से जोड़कर देखा जाता है, जो सूजन और मोटापे को बढ़ावा देता है।

आयुर्वेदिक उपायों से कैसे करें वजन कंट्रोल?

विशेषज्ञों का मानना है कि थायरॉयड के साथ वजन कम करना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन सही खानपान और जीवनशैली के जरिए इसे नियंत्रित किया जा सकता है। आयुर्वेद में मेटाबॉलिज्म को ‘अग्नि’ कहा गया है, जिसे सक्रिय रखना जरूरी माना गया है।

त्रिकटु चूर्ण का सेवन फायदेमंद

सोंठ, काली मिर्च और पिप्पली से तैयार त्रिकटु चूर्ण पाचन अग्नि को तीव्र करने में सहायक माना जाता है। शहद के साथ नियमित सेवन से मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करने और फैट बर्निंग प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिल सकती है।

गिलोय और नीम से हार्मोन संतुलन

गिलोय और नीम को आयुर्वेद में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ रक्त शुद्धि के लिए उपयोगी माना गया है। माना जाता है कि ये टी-3 और टी-4 हार्मोन्स के संतुलन में सहायक हो सकते हैं।

सुबह का नींबू-शहद पानी

सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीना मेटाबॉलिक एक्टिवेशन के लिए सरल उपाय माना जाता है। यह पाचन तंत्र को सक्रिय करने में मदद कर सकता है।

विशेषज्ञों की राय है कि थायरॉयड की समस्या में केवल दवाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली के साथ इन उपायों को अपनाकर वजन और हार्मोन संतुलन दोनों को बेहतर किया जा सकता है। हालांकि किसी भी आयुर्वेदिक या घरेलू उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना जरूरी है।

 

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