मदीना की ओर ड्रोन भेजने का आरोप, अदन में राष्ट्रपति महल और एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले से बढ़ा तनाव
मदीना के ऊपर ड्रोन नष्ट करने का गठबंधन का दावा
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के मुताबिक, उसकी सेना ने मदीना क्षेत्र के ऊपर एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। मदीना इस्लाम के सबसे पवित्र शहरों में शामिल है। यहां पैगंबर मोहम्मद की मस्जिद, मस्जिद-ए-नबवी स्थित है। इससे पहले भी गठबंधन मक्का क्षेत्र की दिशा में आए एक ड्रोन को रोकने का दावा कर चुका है। इन घटनाओं के बीच सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
अदन में राष्ट्रपति महल परिसर पर दो मिसाइलें दागने की खबर
यमन के दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में राष्ट्रपति महल परिसर पर दो मिसाइलों से हमला किए जाने की जानकारी सामने आई है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हूती विद्रोहियों ने राष्ट्रपति महल परिसर को निशाना बनाया। यमन सरकार के एक सैन्य प्रवक्ता ने भी शुक्रवार को अदन हवाई अड्डे और अल-माशीक राष्ट्रपति महल परिसर पर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की पुष्टि की।
हालांकि, सैन्य प्रवक्ता ने यह स्पष्ट नहीं किया कि मिसाइलें अपने निर्धारित लक्ष्य पर लगीं या नहीं। तत्काल किसी के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आधिकारिक जानकारी भी सामने नहीं आई। दो प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राष्ट्रपति महल परिसर की ओर एंबुलेंस जाती दिखाई दीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि एंबुलेंस पहुंचने से कुछ समय पहले शहर में दो जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई दी थी।
यमन की सरकार का प्रमुख केंद्र है अदन, वर्षों से जारी है संघर्ष
अदन दक्षिणी यमन का प्रमुख बंदरगाह शहर है और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमनी सरकार का अहम केंद्र माना जाता है। वर्ष 2014 में हूती विद्रोहियों ने सरकार को राजधानी सना से बाहर कर दिया था। इसके बाद से देश में संघर्ष जारी है। खबर के मुताबिक, जुलाई में लड़ाई फिर तेज होने के बाद अदन लगातार हमलों का सामना कर रहा है।
बुधवार को भी अदन एयरपोर्ट पर हुआ था हमला
शुक्रवार के मिसाइल हमलों से पहले बुधवार को भी हूती विद्रोहियों ने अदन हवाई अड्डे को निशाना बनाया था। बताया गया कि हमले से पहले संगठन ने लोगों को एयरपोर्ट से दूर रहने की चेतावनी दी थी। यह हवाई अड्डा दक्षिणी यमन में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और राहत सामग्री तथा सहायता अभियानों के लिए प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में काम करता है।
मक्का और मदीना क्यों हैं इतने महत्वपूर्ण?
मक्का में मस्जिद अल-हरम और काबा स्थित हैं, जबकि मदीना में मस्जिद-ए-नबवी है। दोनों शहर दुनिया भर के मुसलमानों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखते हैं। हर साल बड़ी संख्या में तीर्थयात्री इन शहरों में पहुंचते हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों के आसपास किसी भी संभावित सैन्य गतिविधि की खबर को संवेदनशील माना जाता है।
सऊदी अरब पहले भी हूती विद्रोहियों पर मक्का और मदीना के आसपास ड्रोन हमले की कोशिश करने के आरोप लगा चुका है। सितंबर में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया था कि उसने मक्का के दक्षिण में एक ड्रोन को रोककर नष्ट किया। गठबंधन के अनुसार, ड्रोन मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। उसने इसे मक्का को निशाना बनाने की हूतियों की दूसरी कोशिश बताया था।
हूती सैन्य प्रवक्ता ने आरोपों को बताया झूठा
हूती विद्रोही मक्का और मदीना को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार करते रहे हैं। संगठन का दावा है कि उसके सैन्य अभियान सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे तक सीमित हैं।
शुक्रवार को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर सऊदी अरब की दिशा में ड्रोन भेजने के आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि संगठन ने सऊदी क्षेत्र के खिलाफ कोई सैन्य अभियान नहीं चलाया है। उनके मुताबिक, हूतियों के हमलों का निशाना केवल सऊदी अरब के तेल ठिकाने और सैन्य अड्डे रहे हैं।
हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमलों को लेकर गलत दावे पेश करने का आरोप लगाया है। ऐसे में मदीना की दिशा में ड्रोन भेजे जाने के आरोपों और अदन में मिसाइल हमलों की खबरों के बीच यमन और सऊदी अरब के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
