सर्दियों में इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए खाएं ये 10 फूड्स, प्रदूषण के बीच भी सेहत का रखें ख्याल

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नई दिल्ली: सर्दियों में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, खांसी, गले में जलन और आंखों में खुजली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। दिल्ली-एनसीआर जैसे इलाकों में खराब हवा बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए विशेष रूप से नुकसानदेह हो सकती है। ऐसे में संतुलित खानपान के जरिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखना जरूरी है।

टमाटर, आंवला, खट्टे फल, अखरोट और लहसुन जैसे खाद्य पदार्थों में विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर के सामान्य कामकाज और प्रतिरक्षा प्रणाली को सहारा देते हैं। हालांकि, कोई भी खाद्य पदार्थ जहरीली हवा के असर को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकता। प्रदूषण से बचाव के लिए खानपान के साथ जरूरी सावधानियां बरतना भी अहम है। आइए जानते हैं ऐसे 10 फूड्स के बारे में, जिन्हें सर्दियों की डाइट में शामिल किया जा सकता है।

1. टमाटर

टमाटर में लाइकोपीन नामक एंटीऑक्सिडेंट पाया जाता है, जो कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करता है। इसके अलावा, टमाटर विटामिन सी और अन्य पोषक तत्वों का भी स्रोत है। इसे सलाद, सब्जी, सूप या चटनी के रूप में खाया जा सकता है। हालांकि, टमाटर खाने से प्रदूषण के कणों से फेफड़ों की पूरी सुरक्षा होने का दावा नहीं किया जा सकता।

2. आंवला

आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज में अहम भूमिका निभाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट भी शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं। सर्दियों में आंवले को ताजा फल, चटनी या बिना अधिक चीनी वाले रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, आंवला खाने से प्रदूषण के कारण अंगों को होने वाले नुकसान से पूरी तरह बचाव होने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं।

3. हल्दी

हल्दी में करक्यूमिन नामक यौगिक पाया जाता है, जिस पर इसके एंटीऑक्सिडेंट और सूजन-रोधी गुणों को लेकर अध्ययन हुए हैं। सामान्य मात्रा में हल्दी को दाल, सब्जी या दूध में शामिल किया जा सकता है। लेकिन हल्दी, गुड़ और घी का मिश्रण अस्थमा का प्रमाणित इलाज नहीं है। अस्थमा या सांस की दूसरी बीमारी होने पर डॉक्टर की सलाह और निर्धारित दवाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।

4. तुलसी

तुलसी का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से सर्दी-जुकाम के दौरान किया जाता रहा है। इसकी पत्तियों में कुछ ऐसे यौगिक पाए जाते हैं, जिन पर स्वास्थ्य संबंधी शोध किए गए हैं। तुलसी की पत्तियों का सेवन संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है, लेकिन तुलसी का जूस पीने से फेफड़ों में जमा प्रदूषित कण निकल जाते हैं या हवा साफ हो जाती है, इस दावे के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। तुलसी का पौधा भी आसपास के गंभीर वायु प्रदूषण से बचाव का विकल्प नहीं है।

5. खट्टे फल

संतरा, मौसमी, नींबू और कीवी जैसे फल विटामिन सी के अच्छे स्रोत हैं। अमरूद भी विटामिन सी से भरपूर होता है। ये फल प्रतिरक्षा प्रणाली को सामान्य रूप से काम करने में मदद करते हैं और शरीर को जरूरी पोषक तत्व देते हैं। सर्दियों में इन्हें नियमित रूप से खाने से संतुलित आहार बनाए रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इनका सेवन प्रदूषण से होने वाले नुकसान को पूरी तरह रोकने की गारंटी नहीं देता।

6. गुड़ और तिल

सर्दियों में गुड़ और तिल से बने लड्डू कई घरों में खाए जाते हैं। तिल में कैल्शियम, स्वस्थ वसा और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जबकि गुड़ मुख्य रूप से चीनी का स्रोत है और इसमें कुछ खनिज भी हो सकते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में खाया जा सकता है, लेकिन गुड़ को अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या दूसरी सांस संबंधी बीमारियों का इलाज मानना सही नहीं है। डायबिटीज से पीड़ित लोगों को गुड़ की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

7. ग्रीन टी

ग्रीन टी में कैटेचिन जैसे एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं। बिना अधिक चीनी वाली ग्रीन टी संतुलित दिनचर्या का हिस्सा बन सकती है। हालांकि, यह मानना सही नहीं है कि ग्रीन टी शरीर से प्रदूषण के सभी जहरीले तत्वों को बाहर निकाल देती है। इसे पीने की कोई निश्चित मात्रा प्रदूषण से सुरक्षा की गारंटी भी नहीं देती। कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों को इसके सेवन में सावधानी रखनी चाहिए।

8. अखरोट

अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे नियमित और सीमित मात्रा में खाने से संतुलित आहार में स्वस्थ वसा शामिल की जा सकती है। अखरोट हृदय और सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है, लेकिन इसे खाने से अस्थमा या सांस की बीमारियों से निश्चित रूप से बचाव होने का दावा नहीं किया जा सकता।

9. चुकंदर

चुकंदर में नाइट्रेट, फोलेट, पोटैशियम और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं। शरीर में नाइट्रेट से बनने वाले यौगिक रक्त वाहिकाओं के कामकाज और रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं। चुकंदर को सलाद, सब्जी या अन्य व्यंजनों के रूप में खाया जा सकता है। हालांकि, इसे फेफड़ों को प्रदूषण से बचाने या शरीर में ऑक्सीजन की कमी दूर करने का निश्चित उपाय नहीं समझना चाहिए।

10. लहसुन

लहसुन में एलिसिन सहित कई सल्फर यौगिक पाए जाते हैं। इसमें मौजूद तत्वों पर उनके संभावित स्वास्थ्य लाभों को लेकर शोध हुए हैं। लहसुन को दाल, सब्जी और अन्य व्यंजनों में शामिल करना स्वाद के साथ पोषण भी बढ़ा सकता है। लेकिन लहसुन खाने से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या संक्रमण से पूरी तरह बचाव होने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं।

प्रदूषण से बचने के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान

संतुलित आहार इम्यूनिटी को सहारा दे सकता है, लेकिन खराब हवा में सांस लेने से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए केवल खानपान पर निर्भर रहना ठीक नहीं है। प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर बाहर की शारीरिक गतिविधियां सीमित रखें और जरूरत पड़ने पर अच्छी फिटिंग वाला N95 या समकक्ष मास्क इस्तेमाल करें। घर में धुआं और अन्य प्रदूषण स्रोत कम रखें तथा स्थानीय वायु गुणवत्ता की जानकारी लेते रहें।

यदि सांस फूलने, सीने में जकड़न, लगातार खांसी या सांस लेने में गंभीर परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो चिकित्सकीय सलाह लें। पहले से अस्थमा या फेफड़ों की बीमारी होने पर डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं नियमित रूप से लें।

 

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