हरियाणा में 44.91 लाख लोगों को SIR नोटिस, 3.43 लाख मामलों की सुनवाई लंबित; 7 से 9 अक्टूबर तक घर-घर पहुंचेंगे अधिकारी
चंडीगढ़। हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के तहत चुनाव आयोग ने नोटिस और सुनवाई से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे पर जोर दिया है। जिलावार समीक्षा में सामने आया है कि प्रदेश में कुल 44,91,923 नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से 3,43,127 मामलों में अभी सुनवाई लंबित है। लंबित मामलों का आंकड़ा कुल मामलों का 7.64 प्रतिशत है।
लंबित मामलों के जल्द निपटारे के निर्देश
चुनाव आयोग लंबित सुनवाई मामलों की नियमित समीक्षा कर रहा है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लंबित मामलों का जल्द निस्तारण करें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसके साथ ही मामलों की प्रभावी निगरानी पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
7 से 9 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान
नोटिस से जुड़ी सुनवाई समय पर पूरी करने के लिए 7 से 9 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान उन मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां नोटिस मिलने के बावजूद संबंधित मतदाताओं ने अभी तक जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए हैं।
अधिकारी घर-घर सर्वे के दौरान भी मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करेंगे। इसका उद्देश्य लंबित मामलों का समयबद्ध तरीके से निपटारा करना और मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी बनाना है।
20,864 मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल एजेंट नियुक्त
मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी भी बढ़ाई गई है। प्रदेश के 20,864 मतदान केंद्रों के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों ने बड़ी संख्या में बूथ लेवल एजेंट यानी बीएलए-2 नियुक्त किए हैं।
आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने 19,554, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 17,127, इंडियन नेशनल लोकदल ने 2,186 और जननायक जनता पार्टी ने 1,093 बीएलए-2 नियुक्त किए हैं। इसके अलावा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) ने 314, बहुजन समाज पार्टी ने 146 और आम आदमी पार्टी ने 54 बीएलए-2 नियुक्त किए हैं।
