कठुआ में पत्नी-बच्चे के विवाद ने लिया खूनी रूप, CISF जवान ने 4 साथियों को AK-47 से मारी गोली

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कठुआ: हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे कठुआ जिले के हट्ट माश्का गांव में मंगलवार शाम पत्नी और बच्चे को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी वारदात में बदल गया। सेवा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात बिहार निवासी सीआईएसएफ के हेड कांस्टेबल अवधेश सिंह ने शाम करीब सात बजे कैंप में अपनी सर्विस राइफल से फायरिंग कर दी। इस घटना में चार सीआईएसएफ कर्मियों की मौत हो गई।

फायरिंग में असिस्टेंट कमांडेंट और कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय, सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संजीव कुमार की जान चली गई। घटना के बाद सीआईएसएफ मुख्यालय ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं। पुलिस ने आरोपी अवधेश सिंह को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, अंकित कुमार पांडेय उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के उदिया गांव के रहने वाले थे। एसआई लक्ष्मण सिंह हिमाचल प्रदेश के सोलन, कांस्टेबल संजीव कुमार जम्मू-कश्मीर के अखनूर और कांस्टेबल रफीक अहमद डोडा जिले की गंदोह (भलेसा) तहसील के कंडालो गांव के निवासी थे।

पत्नी और बच्चे को लेकर शुरू हुआ था विवाद

एसएसपी कठुआ मोहित शर्मा के अनुसार, घटना में चार सीआईएसएफ कर्मियों की मौत हुई है। सूत्रों के मुताबिक अवधेश सिंह की पत्नी भी सीआईएसएफ में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। बताया जा रहा है कि वह ड्यूटी के दौरान बच्चे के साथ अवधेश के क्वार्टर गार्ड आती थीं। यूनिट प्रशासन ने उन्हें बच्चे के साथ क्वार्टर गार्ड में प्रवेश करने और वहां रहने की अनुमति नहीं दी थी।

इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। मंगलवार शाम अवधेश सिंह गेट के पास स्थित ऑपरेशंस सेक्शन के कार्यालय पहुंचा। वहां कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय समेत चार सीआईएसएफ कर्मी मौजूद थे। आरोप है कि अवधेश ने अचानक सभी पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस और सीआईएसएफ की टीम घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

चंबा के एनएचपीसी अस्पताल में चारों को मृत घोषित किया गया

फायरिंग में गंभीर रूप से घायल अंकित कुमार पांडेय, लक्ष्मण सिंह, रफीक अहमद और संजीव कुमार को हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले स्थित एनएचपीसी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया।

बाद में चारों के शवों को हट्ट माश्का से सटे हिमाचल प्रदेश स्थित एनएचपीसी की दूसरी परियोजना के खैरी अस्पताल में रखा गया। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया होगी।

AK-47 से हुई फायरिंग, करीब 150 राउंड होने की बात

पुलिस और सीआईएसएफ सूत्रों के अनुसार, अवधेश सिंह ने AK-47 राइफल से फायरिंग की। उसके पास करीब 150 राउंड गोलियां होने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक विवाद की शुरुआत असिस्टेंट कमांडेंट और कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय के साथ हुई थी। इसके बाद अवधेश ने फायरिंग शुरू कर दी।

कैंप में अचानक गोलियां चलने से अफरातफरी मच गई और चार सीआईएसएफ कर्मी इसकी चपेट में आ गए। अधिकारियों ने घटना की परिस्थितियों और फायरिंग के क्रम को लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

2009 में सीआईएसएफ में भर्ती हुआ था अवधेश

सूत्रों के अनुसार अवधेश सिंह वर्ष 2009 में सीआईएसएफ में भर्ती हुआ था। घटना के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू कर दी। फायरिंग की वजह, विवाद की पूरी पृष्ठभूमि और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।

कंपनी कमांडर की मौत से बढ़ी घटना की गंभीरता

सेवा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात बल के कैंप में सर्विस हथियार से हुई फायरिंग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। घटना में असिस्टेंट कमांडेंट और कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडेय की मौत हुई है। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियां और फायरिंग का क्रम जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। देर रात तक पुलिस और सीआईएसएफ के अधिकारी मामले पर विस्तृत जानकारी देने से बचते रहे।

पत्नी और बच्चे को लेकर पहले भी हुआ था विवाद

सीआईएसएफ सूत्रों के अनुसार, अवधेश सिंह का पत्नी और बच्चे को लेकर पहले भी साथियों के साथ विवाद हुआ था। हालांकि, उस समय मामला सुलझा लिया गया था। मंगलवार शाम एक बार फिर विवाद बढ़ गया और कुछ ही देर में स्थिति गोलीबारी तक पहुंच गई।

120 मेगावाट क्षमता का है सेवा-2 प्रोजेक्ट

प्रदेश सरकार के अनुसार, सेवा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का संचालन और रखरखाव एनएचपीसी कर रही है। यहां जुलाई 2010 से बिजली का उत्पादन हो रहा है। यह परियोजना कठुआ जिले के अंतिम छोर पर हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से सटी हुई है और यहां पहुंचने के लिए हिमाचल प्रदेश के रास्ते से जाना पड़ता है। यह परियोजना सेवा नदी पर बनी है। सेवा नदी रावी नदी की सहायक नदी है। परियोजना की क्षमता 120 मेगावाट बताई गई है।

 

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