पाकिस्तान में BLA का बड़ा दावा, 12 दिनों में 34 ऑपरेशन किए; 23 सुरक्षाकर्मियों को मारने की बात कही
BLA का कहना है कि मारे गए लोगों में पाकिस्तानी सेना के 14 जवान और कथित डेथ स्क्वॉड के 9 सदस्य शामिल हैं। संगठन ने एक पाकिस्तानी सैनिक को पकड़ने का दावा भी किया है। इसके अलावा, उसने प्रमुख राजमार्गों पर नियंत्रण रखने और वाहनों की अचानक जांच करने की बात कही है। संगठन ने यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के साथ सीधी मुठभेड़ों में उसके छह लड़ाके मारे गए।
9 अक्टूबर: तुर्बत में हमले का दावा
BLA के मुताबिक, 9 अक्टूबर को तुर्बत के नसीराबाद इलाके में उसके लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना और कथित डेथ स्क्वॉड के सदस्यों को निशाना बनाया। संगठन ने दावा किया कि इस हमले में डेथ स्क्वॉड का एक सदस्य मारा गया।
13 अक्टूबर: सैन्य वाहन पर विस्फोट का दावा
संगठन के अनुसार, 13 अक्टूबर को हरनाई के शहरग इलाके में साजो के पास विस्फोटक उपकरण से पाकिस्तानी सेना के एक वाहन को निशाना बनाया गया। BLA ने दावा किया कि इस हमले में तीन जवानों की मौत हुई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। संगठन के मुताबिक, विस्फोट में सैन्य वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया।
इसी दिन चगाई जिले के दलबांदिन में क्वेटा-ताफ्तान व्यापार मार्ग पर कारोदाक के पास दो व्यावसायिक वाहनों पर कब्जा करने का दावा भी किया गया। संगठन का कहना है कि इनमें से एक वाहन को आग लगाकर नष्ट कर दिया गया।
14 अक्टूबर: मस्तुंग और खुजदार में कार्रवाई का दावा
BLA ने दावा किया कि 14 अक्टूबर को मस्तुंग के दश्त बाबा इलाके में पाकिस्तानी सेना पर हमला किया गया, जिसमें दो जवानों की मौत हुई और दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इसी दिन खुजदार में सिम्बा पुल के पास सेना के काफिले और व्यावसायिक वाहनों पर सशस्त्र हमला करने की बात भी कही गई।
संगठन ने खारान के खोकाप निवासी बहादुर खान और साबिर को मौत की सजा सुनाने का दावा किया। BLA का आरोप था कि दोनों कथित डेथ स्क्वॉड से जुड़े थे और सैन्य अभियानों में पाकिस्तानी सेना की मदद कर रहे थे।
15 अक्टूबर: बुलेदा और नोशकी में हमलों की जानकारी
संगठन के मुताबिक, 15 अक्टूबर को बुलेदा के जूमदान इलाके में सैन्य काफिलों को सुरक्षा देने के लिए आगे बढ़ रहे पाकिस्तानी सैनिकों पर हमला किया गया। इसमें एक जवान की मौत हुई और दूसरा घायल हो गया।
इसी दिन नोशकी बाजार में पुन्हल नाम के व्यक्ति की हत्या का दावा भी किया गया। BLA ने आरोप लगाया कि वह दुकानदार की आड़ में पाकिस्तानी सेना के लिए जासूसी करता था और खुफिया जानकारी जुटाता था। इसके अलावा, संगठन ने किला अब्दुल्ला में विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल से पिंकी पोस्ट को पूरी तरह नष्ट करने की बात कही।
16 अक्टूबर: केच में तीन जवानों की मौत का दावा
BLA के अनुसार, 16 अक्टूबर को केच के दश्त इलाके में चीर कुंचाती के पास पाकिस्तानी सेना के जवानों को निशाना बनाया गया। संगठन ने दावा किया कि इस हमले में तीन जवानों की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हुए।
इसी दिन एक स्नाइपर हमले में पाकिस्तानी सेना के एक और जवान को मार गिराने का दावा किया गया।
17 अक्टूबर: कारोदाक में व्यावसायिक वाहनों पर कब्जे की बात
संगठन ने बताया कि 17 अक्टूबर को चगाई जिले के दलबांदिन में क्वेटा-ताफ्तान व्यापार राजमार्ग पर कारोदाक के पास उसके लड़ाकों ने तीन व्यावसायिक वाहनों पर कब्जा किया।
इसी दिन खुजदार के बागबाना इलाके में पाकिस्तानी सेना ने गनशिप हेलीकॉप्टरों की मदद से अभियान चलाया। BLA का दावा है कि इस कार्रवाई के जवाब में उसके लड़ाकों ने कई स्थानों पर सेना को निशाना बनाया।
18 अक्टूबर: CPEC मार्ग पर तीन घंटे तक जांच का दावा
BLA के मुताबिक, 18 अक्टूबर को खारान के दाली इलाके में पाकिस्तानी सेना पर हुए हमले में एक जवान की मौत हुई और दूसरा घायल हो गया।
संगठन ने खुजदार के कारख इलाके में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के मार्ग पर नियंत्रण करने और करीब तीन घंटे तक वाहनों की जांच करने का दावा किया। इस दौरान सेना के लिए रसद ले जा रहे एक वाहन को सामान सहित जब्त करने और पाकिस्तानी सैनिक नादिर अली को पकड़ने की बात भी कही गई।
20 अक्टूबर: बम निरोधक टीम और सैन्य काफिले को निशाना बनाने का दावा
BLA के अनुसार, 20 अक्टूबर को सुराब के हालिका इलाके में पाकिस्तानी सेना की बम निरोधक टीम को विस्फोटक उपकरण के जरिए निशाना बनाया गया। संगठन ने दावा किया कि इस घटना में एक जवान की मौत हुई।
इसी दिन चगाई के चोकचाह इलाके में सेना के काफिले की एक गाड़ी को विस्फोट से उड़ाने की बात भी कही गई। BLA के मुताबिक, इस हमले में एक जवान मारा गया और कम से कम तीन अन्य घायल हुए।
BLA ने जारी किया तारीखवार ब्योरा
संगठन ने अपने दावों के समर्थन में 9 से 20 अक्टूबर तक हुई घटनाओं का तारीखवार विवरण जारी किया है। इसमें सैन्य ठिकानों, काफिलों, सुरक्षा कर्मियों और व्यापार मार्गों से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन घटनाओं और हताहतों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
