बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, 4 अक्टूबर से ट्रांसफर के लिए आवेदन; बाढ़ के चलते बदली तारीख

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पटना: बिहार में सामान्य स्थानांतरण का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए नई तारीख सामने आ गई है। शिक्षा विभाग अब 4 से 10 अक्टूबर तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल के जरिए शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लेगा। पहले इसके लिए 17 सितंबर से आवेदन की तारीख तय की गई थी, लेकिन राज्य में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए विभाग ने समय-सारणी में बदलाव किया है।

शिक्षा विभाग ने रविवार को संशोधित कार्यक्रम जारी किया। इसके अनुसार समायोजन और पारस्परिक स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामान्य स्थानांतरण के लिए संशोधित विद्यालयवार रिक्तियों की सूची 1 अक्टूबर को जारी की जाएगी। इसके बाद शिक्षक अपनी वरीयता के आधार पर स्कूलों का विकल्प चुनकर 4 से 10 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

12 अक्टूबर से शुरू होगी सूची और अपील की प्रक्रिया

सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थानांतरण सूची जारी करने, अपील दाखिल करने और अपीलों के निपटारे की प्रक्रिया शुरू होगी। विभाग के संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक यह पूरी प्रक्रिया 12 अक्टूबर से 18 नवंबर तक चलेगी।

बाढ़ की प्राकृतिक आपदा और कई जिलों में बनी गंभीर स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के सामान्य स्थानांतरण की पहले से तय समय-सारणी में बदलाव किया है।

वित्तरहित शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन

इधर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वित्तरहित शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। रविवार को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित वित्तरहित शिक्षकों के अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह शिक्षकों और उनके प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को भी इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं और समस्याओं के समाधान के लिए कमेटी का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान बना रहेगा और सरकार इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों का निर्माण करते हैं और उनके भविष्य को दिशा देते हैं। उनके मुताबिक, सरकार ने शुरू से ही शिक्षकों का सम्मान किया है और आगे भी यह जारी रहेगा।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की योजनाएं गिनाईं

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर सरकार ने शुरुआत से ध्यान दिया है और बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना प्राथमिकता रही है। उन्होंने बताया कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के जरिए विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के जरिए 75 हजार शिक्षकों को जोड़ा गया है। इसके माध्यम से रात के समय भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के हित में लगातार काम करना और समस्याओं का समाधान करना सरकार का दायित्व है।

कार्यक्रम को विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, प्रो. नवल किशोर यादव और विधान पार्षद नीरज कुमार ने भी संबोधित किया। इस मौके पर विधान पार्षद संजीव कुमार, प्रो. वीरेंद्र यादव, सर्वेश कुमार, एनके यादव, जीवन कुमार, विधायक रत्नेश कुशवाहा समेत बड़ी संख्या में वित्तरहित शिक्षक मौजूद रहे।

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