राज्यसभा उम्मीदवारों पर मायावती का सपा पर हमला, बोलीं- बसपा पूंजीपतियों और रिश्तेदारों को टिकट नहीं देती
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी की ओर से घोषित राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर निशाना साधा है। मायावती ने कहा कि बसपा चुनाव में अपने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और बड़े पूंजीपतियों को टिकट नहीं देती। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा इसके विपरीत परिवारवाद और धनबल की राजनीति करती है।
समाजवादी पार्टी ने बुधवार को वरिष्ठ नेता और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के चाचा राम गोपाल यादव को राज्यसभा के एक और कार्यकाल के लिए उम्मीदवार बनाया है। वहीं, दूसरे उम्मीदवार के तौर पर रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप के अध्यक्ष धनराज परिमल नाथवानी को नामित किया गया है।
मायावती बोलीं- बसपा चुनाव में धनबल का सहारा नहीं लेती
मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि बसपा किसी भी छोटे-बड़े चुनाव में विरोधी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी की तरह अपने परिवार, सगे-संबंधियों, भाई-भतीजों और करीबी रिश्तेदारों के साथ बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों को टिकट नहीं देती है। उन्होंने कहा कि बसपा चुनाव में उनके धनबल का सहारा नहीं लेती।
गरीब और कमजोर तबके के कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाने का दावा
बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी में काम करने वाले सर्वसमाज के लोगों में से गरीब, मध्यम वर्ग और कमजोर तबकों के कर्मठ आंबेडकरवादी लोगों को ही उम्मीदवार बनाया जाता है। मायावती के मुताबिक, बसपा की राजनीति परिवारवाद और धनबल से मुक्त है।
उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह खुद को समाजवादी और पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग की पार्टी बताती है, लेकिन उसके काम इसके विपरीत दिखाई देते हैं। मायावती ने इसे राजनीतिक ढोंग और छलावा बताया।
राम गोपाल यादव और नाथवानी के नाम का किया जिक्र
मायावती ने कहा कि इसका ताजा उदाहरण उत्तर प्रदेश से होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में सामने आया है। उनके मुताबिक, सपा ने राम गोपाल यादव को दोबारा उम्मीदवार बनाया है, जो सपा प्रमुख अखिलेश यादव के करीबी रिश्तेदार हैं।
वहीं, मायावती ने सपा के दूसरे उम्मीदवार धनराज परिमल नाथवानी का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक चर्चित उद्योग घराने से जुड़े हैं।
सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी मायावती का दावा
मायावती ने दावा किया कि सपा का तीसरा उम्मीदवार भी पहले की तरह संभवतः चेहरा बचाने और चुनाव हारने के लिए मैदान में उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि सपा की इस तरह की दोहरी चाल, चरित्र और चेहरा कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से उसकी राजनीति का हिस्सा रहा है।
बसपा प्रमुख ने उच्च जाति समाज के गरीबों के साथ-साथ बहुजन समाज के दलितों, आदिवासियों, अति-पिछड़ों, मुस्लिमों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक वर्गों से जुड़े लोगों को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सतर्क रहने की अपील की।
