39 गैर-जमानती वारंट, 68 केस और सालों से फरार… आखिर पुलिस के शिकंजे में आया शातिर अपराधी
बेंगलुरु: कर्नाटक पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। वर्षों से फरार चल रहे एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसके खिलाफ राज्य के विभिन्न हिस्सों में दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज थे। आरोपी के खिलाफ 39 गैर-जमानती वारंट लंबित थे, जबकि पांच मामलों में उसे उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका था। इसके बावजूद वह लगातार कानून की गिरफ्त से बचता आ रहा था।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान 38 वर्षीय सैयद अबरार के रूप में हुई है, जो कडुगोडी के यल्लारेड्डी सर्कल क्षेत्र का निवासी है। उसकी गिरफ्तारी बनासवाड़ी थाना क्षेत्र में दर्ज एक चोरी के मामले की जांच के दौरान हुई।
एक चोरी की जांच से खुली अपराधों की लंबी फेहरिस्त
मामला कल्याण नगर निवासी एक व्यक्ति की शिकायत से जुड़ा था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि 14 मार्च से 23 मार्च के बीच वह अपने पैतृक गांव गया हुआ था। इसी दौरान अज्ञात चोर उसके घर में घुस गए और करीब 10 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व अन्य सुरागों के आधार पर संदिग्धों की तलाश तेज कर दी। इसी जांच के दौरान पुलिस को सैयद अबरार तक पहुंचने में सफलता मिली।
बागलूर के पास दबोचा गया आरोपी
जांच टीम ने 16 जून को बागलूर के निकट कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान न केवल चोरी के मामले में उसकी भूमिका सामने आई, बल्कि उसके आपराधिक इतिहास का भी खुलासा हो गया।
पुलिस रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि आरोपी का नाम बेंगलुरु शहर के अलावा कोलार और यादगीर जिलों में दर्ज कुल 68 आपराधिक मामलों में शामिल है। इनमें चोरी समेत कई गंभीर अपराधों से जुड़े मामले शामिल बताए जा रहे हैं।
39 एनबीडब्ल्यू और 5 उद्घोषणा कार्यवाही लंबित
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कई मामलों में अदालत में पेश नहीं हुआ था। इसके चलते विभिन्न अदालतों ने उसके खिलाफ 39 गैर-जमानती वारंट जारी कर रखे थे।
इसके अलावा पांच मामलों में उसे उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका था। लंबे समय से फरार रहने के कारण राज्य की विभिन्न पुलिस इकाइयां उसकी तलाश कर रही थीं, लेकिन वह लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा।
गिरफ्तारी के बाद पुराने वारंटों पर भी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ लंबित नौ अन्य वारंटों पर भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अबरार को 17 जून को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस हिरासत में भेजा गया। पूछताछ पूरी होने के बाद 20 जून को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया बड़ी सफलता
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) विक्रम अमाटे ने कहा कि आरोपी कई वर्षों से फरार था और उसकी तलाश में राज्यभर की पुलिस टीमें लगातार जुटी हुई थीं। उन्होंने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि उसके खिलाफ लंबे समय से लंबित मामलों में अब जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। पुलिस का मानना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कई अन्य मामलों में भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
