योगी सरकार का बड़ा फैसला: पूर्वी पाकिस्तान से आए 99 हिंदू बंगाली परिवारों को कानपुर देहात में मिलेगा स्थायी ठिकाना

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लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा और मानवीय फैसला लेते हुए उत्तर प्रदेश में लंबे समय से विस्थापन की पीड़ा झेल रहे 99 हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास को मंजूरी दे दी है। ये सभी परिवार पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से विस्थापित होकर यूपी आए थे और फिलहाल मेरठ की मवाना तहसील के ग्राम नंगला गोसाई स्थित झील की भूमि पर अवैध रूप से रह रहे थे। कैबिनेट बैठक में इनके पुनर्वास से जुड़े प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है।

कानपुर देहात की रसूलाबाद तहसील में होगा पुनर्वास
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, इन 99 हिंदू बंगाली परिवारों को कानपुर देहात जिले की रसूलाबाद तहसील में बसाया जाएगा। पुनर्वास की प्रक्रिया को दो गांवों में विभाजित किया गया है, ताकि सभी परिवारों को व्यवस्थित तरीके से भूमि उपलब्ध कराई जा सके।

दो गांवों में बांटी गई जमीन, पुनर्वास विभाग की भूमि पर बसेंगे परिवार
सरकारी योजना के तहत—

  • 50 परिवारों को ग्राम भैंसाया में पुनर्वास विभाग के नाम दर्ज 27.50 एकड़ भूमि पर बसाया जाएगा।
  • शेष 49 परिवारों को ग्राम ताजपुर तरसौली में पुनर्वास विभाग के नाम अंकित 26.009 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी।

इस तरह सभी परिवारों को सरकारी भूमि पर स्थायी बसावट का अवसर मिलेगा।

हर परिवार को मिलेगा आधा एकड़ जमीन, 90 साल तक पट्टे की सुविधा
फैसले के अनुसार, प्रत्येक परिवार को 0.50 एकड़ भूमि दी जाएगी। यह जमीन प्रीमियम अथवा लीज रेंट पर 30 वर्ष के पट्टे पर आवंटित की जाएगी। पट्टे को आगे 30-30 वर्ष के लिए नवीनीकृत किया जा सकेगा, यानी अधिकतम 90 वर्षों तक परिवारों को भूमि पर अधिकार मिलेगा।

मानवीय दृष्टिकोण और पुनर्वास नीति का अहम कदम
सरकार का यह निर्णय न सिर्फ अवैध रूप से रह रहे विस्थापित परिवारों की समस्या का समाधान करेगा, बल्कि उन्हें स्थायित्व, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन भी प्रदान करेगा। माना जा रहा है कि यह कदम विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास की दिशा में एक अहम और नजीर बनने वाला फैसला है।

 

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