मंगल ग्रह पर जीवन की उम्मीद जगी! NASA को मिले प्राचीन समुद्र तट के सबूत, पर्सेवरेंस रोवर की बड़ी खोज

NASA के पर्सेवरेंस रोवर ने मंगल ग्रह पर ऐसी खोज की है, जिसने वैज्ञानिकों को उत्साहित कर दिया है। रोवर को मंगल पर एक प्राचीन समुद्र तट के मजबूत संकेत मिले हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि करीब 3.5 अरब साल पहले मंगल के जेजेरो क्रेटर में विशाल झील मौजूद थी। यह खोज इस संभावना को और मजबूत करती है कि लाल ग्रह पर कभी लंबे समय तक रहने योग्य माहौल रहा होगा और वहां पानी मौजूद था।
हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरों से मिले अहम संकेत
यह अहम अध्ययन इंपीरियल कॉलेज लंदन के नेतृत्व में किया गया है, जिसके निष्कर्ष Journal of Geophysical Research, Planets में प्रकाशित हुए हैं। वैज्ञानिकों ने पर्सेवरेंस रोवर द्वारा भेजी गई हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरों का विश्लेषण किया, जिसमें मार्जिन यूनिट नाम के क्षेत्र में समुद्र तट जैसे भू-आकृतिक संकेत मिले हैं। इस क्षेत्र में भूमिगत पानी के प्रभाव से बदली हुई चट्टानों और लहरों से घिसे हुए गोलाकार रेत के कण पाए गए हैं। यह क्षेत्र जेजेरो क्रेटर के अंदरूनी किनारे पर स्थित है और यहां ओलिविन और कार्बोनेट से भरपूर रेत के कण पाए गए, जो पानी और लहरों की गतिविधि की पुष्टि करते हैं। साथ ही स्थानीय चट्टानों में कटाव के निशान भी मिले हैं, जो प्राचीन तटरेखा की ओर इशारा करते हैं।
वैज्ञानिकों ने बताया बेहद रोमांचक खोज
स्टडी के मुख्य लेखक और इंपीरियल कॉलेज के पीएचडी शोधकर्ता एलेक्स जोन्स ने कहा कि समुद्र तट पृथ्वी पर जीवन के लिए अनुकूल वातावरण माने जाते हैं और यहां बनने वाले कार्बोनेट खनिज प्राचीन पर्यावरणीय स्थितियों को संरक्षित रखते हैं। उन्होंने कहा कि यह खोज मंगल के अतीत, जलवायु और संभावित जीवन की स्थिति को समझने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यह भूवैज्ञानिक संरचना को लेकर चल रही बहस को नई दिशा देती है।
सतह के नीचे लंबे समय तक पानी रहने के मिले संकेत
इंपीरियल कॉलेज के पृथ्वी विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर संजीव गुप्ता ने बताया कि अन्य हालिया अध्ययनों के साथ यह खोज इस बात की पुष्टि करती है कि मार्जिन यूनिट में सतह के नीचे लंबे समय तक पानी का प्रवाह रहा। इससे चट्टानों में लगातार बदलाव होते रहे। पृथ्वी पर इसी तरह के हाइड्रोथर्मल वातावरण सूक्ष्म जीवों के विकास के लिए अनुकूल माने जाते हैं, जिससे मंगल पर जीवन की संभावना को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।

2021 से जेजेरो क्रेटर की जांच कर रहा पर्सेवरेंस रोवर
पर्सेवरेंस रोवर वर्ष 2021 से जेजेरो क्रेटर क्षेत्र की लगातार जांच कर रहा है। वैज्ञानिकों ने इस क्षेत्र को इसलिए चुना था क्योंकि यहां पहले विशाल झील और डेल्टा होने के संकेत मिले थे। रोवर ने 2023 और 2024 के दौरान मार्जिन यूनिट का गहराई से अध्ययन किया और चट्टानों व रेगोलिथ के कोर सैंपल भी एकत्र किए। इन सैंपल को भविष्य में पृथ्वी पर लाकर विस्तृत जांच की जाएगी। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज बताती है कि मंगल पर शांत झील की स्थिति पहले के अनुमान से कहीं ज्यादा पुरानी हो सकती है और वहां लंबे समय तक तरल पानी और स्थिर वातावरण मौजूद रहा होगा।
