रात में बार-बार टॉयलेट जाना नहीं है सामान्य, हो सकता है 4 गंभीर बीमारियों का संकेत; गलती से भी न करें नजरअंदाज

नई दिल्ली। अगर आपको रात में नींद से उठकर बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है, तो इसे हल्के में लेना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। कई बार इसकी वजह सोने से पहले ज्यादा पानी पीना हो सकती है, लेकिन लगातार ऐसा होना किसी अंदरूनी बीमारी की ओर भी इशारा करता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बार-बार रात में यूरिन के लिए उठना शरीर में चल रही गड़बड़ी का शुरुआती संकेत हो सकता है।
कब नहीं माना जाता इसे सामान्य
स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में रात के समय यूरिन की मात्रा कम बनती है और वह अधिक कंसन्ट्रेटेड होता है। अगर कोई व्यक्ति रात में दो या उससे अधिक बार पेशाब के लिए उठता है और इसका असर उसकी नींद, थकान और अगले दिन की कार्यक्षमता पर पड़ रहा है, तो यह स्थिति सामान्य नहीं मानी जाती। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है।
डायबिटीज का शुरुआती संकेत
रात में बार-बार यूरिन आना टाइप-2 डायबिटीज का शुरुआती लक्षण हो सकता है। जब ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, तो किडनी अतिरिक्त शुगर को बाहर निकालने के लिए ज्यादा पानी फिल्टर करती है। इसका नतीजा यह होता है कि यूरिन की मात्रा बढ़ जाती है और व्यक्ति को बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है।
प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या
उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में प्रोस्टेट ग्लैंड का आकार बढ़ना आम है। बढ़ा हुआ प्रोस्टेट यूरिनरी ट्रैक पर दबाव डालता है, जिससे ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हो पाता। यही कारण है कि थोड़ी-थोड़ी देर में पेशाब का दबाव महसूस होता है, खासकर रात के समय।
यूटीआई की ओर इशारा
अगर पेशाब करते समय जलन, हल्का दर्द या यूरिन से तेज गंध आ रही है, तो यह यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। यूटीआई में ब्लैडर की दीवारें ज्यादा संवेदनशील हो जाती हैं, जिससे कम यूरिन होने पर भी बार-बार पेशाब का दबाव महसूस होता है।

स्लीप एपनिया भी हो सकता है कारण
कई मामलों में समस्या ब्लैडर की नहीं, बल्कि नींद से जुड़ी होती है। स्लीप एपनिया के मरीजों में सोते समय सांस लेने में रुकावट आती है, जिससे बार-बार नींद टूटती है। इस दौरान शरीर कुछ ऐसे हार्मोन रिलीज करता है, जो रात में यूरिन की मात्रा बढ़ा देते हैं और व्यक्ति को बार-बार बाथरूम जाना पड़ता है।
लाइफस्टाइल से जुड़े सामान्य कारण भी जिम्मेदार
हर बार इसके पीछे कोई गंभीर बीमारी ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार कुछ आदतें भी इसकी वजह बन सकती हैं। जैसे सोने से दो से तीन घंटे पहले ज्यादा पानी पीना, चाय-कॉफी या शराब का सेवन करना, क्योंकि ये डाययूरेटिक होते हैं और यूरिन बढ़ाते हैं। इसके अलावा ब्लड प्रेशर की कुछ दवाएं भी शरीर से ज्यादा पानी बाहर निकालती हैं।
