बसपा विधायक उमा शंकर सिंह पर IT छापे के बाद सियासत गरम, अखिलेश बोले– ‘भाजपा का कोई होता है तो उसके यहां छापा नहीं पड़ता’

राजधानी लखनऊ समेत बलिया में बहुजन समाज पार्टी के एकमात्र विधायक उमा शंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। बुधवार को हुई इस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
मायावती ने बताया राजनीतिक कार्रवाई
मायावती ने छापेमारी को राजनीति से प्रेरित कदम बताया और सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को एजेंसियों के जरिए निशाना बनाया जा रहा है।
अखिलेश का तंज: ‘जापान न गए होते तो शायद छापा न पड़ता’
उन्नाव में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस कार्रवाई को गलत करार दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “उनके यहां छापा इसलिए पड़ा है क्योंकि कुछ लोग जापान गए हैं। अगर वे जापान न गए होते तो शायद यह छापा न पड़ता। पुलिस को पहले ही पता लग जाता और पुलिस लीक कर देती।”
मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा, “सरकार के लोग जापान चले गए, इसलिए छापा पड़ गया।” इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि “सवाल यह नहीं है कि बसपा के इकलौते विधायक के यहां छापा पड़ा है। भाजपा का कोई होता है तो उसके यहां छापा नहीं पड़ता। भाजपा को खुश कर दो, कभी छापा नहीं पड़ेगा।” उन्होंने कहा कि भाजपा किसी की सगी नहीं है।
‘भाजपा छापों के जरिए लोगों का धन लूटती है’
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लंबी पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा एजेंसियों के जरिए लोगों के कमाए हुए धन को लूटने का काम करती है। उन्होंने कहा कि जहां भी धन-दौलत की संभावना दिखती है, वहां एजेंसियां पहुंच जाती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संवेदनहीन है और गंभीर बीमारी या अन्य मुश्किल हालातों से जूझ रहे लोगों को भी नहीं बख्शती। “विपरीत हालातों में ‘अवसर’ तलाशना भाजपा की प्रवृत्ति है,” उन्होंने कहा।
2027 और 2047 पर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव ने कहा कि 2047 की बात करने वाली भाजपा को मालूम है कि उसका 2027 पार नहीं होगा। “लखनऊ हो या दिल्ली, कोई भी सत्ताइस के पार नहीं जाएगा, इसलिए पैसे बटोरने में लगे हैं,” उन्होंने आरोप लगाया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा के परंपरागत वोटर उससे दूर हो रहे हैं। कारोबारी समाज जीएसटी, भ्रष्टाचार और उगाही से नाराज है, जबकि धार्मिक समाज भी कथित अपमान की घटनाओं से आहत है।
‘दिल्ली के षड्यंत्र का होगा पर्दाफाश’
अखिलेश यादव ने कहा कि गंभीर हालातों में डाले गए इस छापे को किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने इसे “दिल्ली के षड्यंत्र” से जोड़ते हुए कहा कि एक दिन इसका पर्दाफाश जरूर होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कभी झूठे मुकदमे लगवाकर तो कभी संकट के समय छापे पड़वाकर लोगों को प्रताड़ित करती है। “कल विपक्ष झेल रहा था, आज भाजपा के अंदर ही लोग इसका शिकार हो रहे हैं,” उन्होंने कहा।
पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने का दावा
अखिलेश यादव ने इसे “शर्मनाक, निंदनीय और अक्षम्य कृत्य” बताते हुए पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति जताई और हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने संवेदनहीनता की सभी सीमाएं लांघ दी हैं और यही उसके अंत का संकेत है।
फिलहाल आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
