US-इज़राइल-ईरान तनाव का असर: एयरस्पेस बंद, कई फ्लाइट्स रद्द; सऊदी अरब में फंसे करीब 2000 उमराह यात्री

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श्रीनगर। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं पर असर पड़ने लगा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई एयरलाइनों ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं या उन्हें देरी से संचालित किया जा रहा है। इसका सीधा असर जम्मू-कश्मीर के उन करीब 2,000 उमराह यात्रियों पर पड़ा है, जो इस समय अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं। इनमें से कई यात्री मक्का, मदीना और जेद्दा में हैं और नई उड़ानों के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

फ्लाइट कैंसिल होने से यात्रियों की वापसी अटकी

जम्मू-कश्मीर में हज और उमराह कंपनियों के प्रतिनिधियों के मुताबिक क्षेत्र में मौजूदा हालात और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव की वजह से कई एयरलाइंस ने अपनी फ्लाइट सेवाएं रद्द कर दी हैं या उनके समय में बदलाव किया है। इसके चलते सैकड़ों यात्री सऊदी अरब में फंस गए हैं और उन्हें नई उड़ानों के शेड्यूल का इंतजार करना पड़ रहा है।

करीब 2,000 तीर्थयात्री प्रभावित

ट्रैवल ग्रुप से जुड़े लोगों के अनुसार जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग समूहों से लगभग 2,000 तीर्थयात्री इस स्थिति से प्रभावित हुए हैं। सुरक्षा कारणों से उड़ानें रद्द होने के बाद कई यात्रियों की वापसी फिलहाल टल गई है, जबकि कुछ लोग अभी भी उमराह के लिए रवाना होने की तैयारी में थे।

ट्रैवल एजेंसियों को भी हुआ भारी आर्थिक नुकसान

इस रुकावट का असर ट्रैवल ऑपरेटरों पर भी पड़ा है। एजेंसियों ने पहले ही रमज़ान सीजन को देखते हुए तीर्थयात्रियों के लिए होटल में ठहरने की व्यवस्था, परिवहन और फ्लाइट टिकट बुक कर लिए थे। लेकिन अचानक उड़ानें रद्द होने से उन्हें वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।

कई टूर ऑपरेटरों का कहना है कि उन्हें सऊदी अरब में फंसे तीर्थयात्रियों के होटल में ठहरने की अवधि बढ़ानी पड़ी है। वहीं आने वाले बैच की यात्राओं को रद्द या स्थगित करना पड़ा है, जिससे ट्रैवल कारोबार पर अतिरिक्त दबाव पड़ गया है।

मिडिल ईस्ट में तनाव से इंटरनेशनल फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित

हाल के दिनों में मध्य पूर्व में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के कारण कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में बाधा आई है। कुछ एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं, जबकि कई उड़ानों को सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया गया है या उनका रूट बदल दिया गया है। इसका असर कई देशों के यात्रियों पर पड़ा है, जिनमें बड़ी संख्या में तीर्थयात्री भी शामिल हैं।

भारतीय मिशन हालात पर रखे हुए हैं नजर

अधिकारियों के मुताबिक सऊदी अरब में मौजूद भारतीय राजनयिक मिशन पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं। वे एयरलाइंस और ट्रैवल ऑपरेटरों के साथ समन्वय बनाकर स्थिति सामान्य होने के बाद फंसे हुए यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं।

इस बीच कश्मीर में कई यात्रियों के परिवारों ने वापसी में हो रही देरी को लेकर चिंता जताई है। खासकर बुजुर्ग यात्रियों को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ गई है और उन्होंने अधिकारियों से जल्द सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।

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