असम में Su-30MKI विमान हादसा: शहीद IAF जांबाजों को राहुल गांधी की श्रद्धांजलि, बोले- देश उनके परिवारों के साथ खड़ा

असम। असम में हुए लड़ाकू विमान हादसे में शहीद हुए भारतीय वायुसेना के दो जांबाज अधिकारियों को लेकर शोक की लहर है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने शुक्रवार को हादसे में जान गंवाने वाले वायुसेना अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
इस हादसे में Sukhoi Su-30MKI लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से Squadron Leader Anuj और Flight Lieutenant Purvesh Durgkar शहीद हो गए।
राहुल गांधी बोले— पूरा देश परिवारों के साथ
Rahul Gandhi ने सोशल मीडिया पर साझा संदेश में कहा कि भारतीय वायुसेना के बहादुर सैनिकों स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुर्गकर की विमान दुर्घटना में शहादत की खबर बेहद दुखद और पीड़ादायक है।
उन्होंने लिखा कि वह देश के इन वीर सपूतों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा देश उनके परिवारों के साथ खड़ा है।
भारतीय वायुसेना ने की शहादत की पुष्टि
इससे पहले Indian Air Force ने आधिकारिक तौर पर दोनों अधिकारियों के निधन की पुष्टि की। वायुसेना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए बताया कि Su-30 हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुर्गकर ने शहादत दी है।
वायुसेना ने कहा कि उसके सभी कर्मी इस क्षति पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं और इस कठिन समय में शोकाकुल परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं।

कार्बी आंगलोंग में हुआ विमान हादसा
यह हादसा असम के Karbi Anglong जिले में हुआ, जो Jorhat से करीब 60 किलोमीटर दूर है। जानकारी के मुताबिक विमान एक नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था।
गुरुवार को उड़ान के दौरान अचानक विमान का रडार से संपर्क टूट गया, जिसके बाद बड़े पैमाने पर तलाशी और बचाव अभियान चलाया गया। शुक्रवार को मलबा मिलने के साथ ही दोनों अधिकारियों के शहीद होने की पुष्टि हुई।
वायुसेना का शक्तिशाली मल्टी-रोल फाइटर
Sukhoi Su-30MKI भारतीय वायुसेना के सबसे शक्तिशाली मल्टी-रोल लड़ाकू विमानों में शामिल है। पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से Tezpur और Jorhat एयरबेस काफी अहम माने जाते हैं।
बताया जाता है कि इससे पहले भी असम में 2015 और 2019 में सुखोई विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए थे, हालांकि उन घटनाओं में पायलट सुरक्षित बचने में सफल रहे थे।
