ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई का पहला संदेश: ‘शहादत का बदला लेंगे’, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रखने और अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रखने की चेतावनी

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ईरान की सत्ता संभालने के बाद नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने अपना पहला सार्वजनिक संदेश जारी किया है। इस संदेश में उन्होंने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि शहीदों की मौत को भुलाया नहीं जाएगा और हर शहादत का बदला लिया जाएगा। उन्होंने बच्चों की मौत का जिक्र करते हुए कहा कि निर्दोषों के खून का हिसाब लिया जाएगा और जिम्मेदार लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

अपने संबोधन में मुज्तबा खामेनेई ने साफ संकेत दिया कि क्षेत्रीय तनाव कम होने के बजाय और बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे।

अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी

मुज्तबा खामेनेई ने अपने संदेश में अमेरिका को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिका के सभी सैन्य ठिकानों को खाली किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिकी सेना इस क्षेत्र से नहीं हटती, तब तक हमले जारी रहेंगे।

उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव पहले से ही बेहद संवेदनशील स्थिति में है और क्षेत्रीय शक्तियों के बीच टकराव की आशंका लगातार बढ़ रही है।

खामेनेई परिवार से सत्ता का नया चेहरा

मुज्तबा खामेनेई ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर सैय्यद अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे हैं। पिता की मौत के बाद उन्हें देश का नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके नेतृत्व को लेकर कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं भी सामने आ रही हैं।

बताया जा रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नहीं चाहते थे कि मुज्तबा खामेनेई ईरान के अगले सुप्रीम लीडर बनें। इसके बावजूद ईरान की सत्ता में उनका उदय क्षेत्रीय राजनीति में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

मुज्तबा खामेनेई के 5 बड़े संदेश

मुज्तबा खामेनेई ने अपने पहले बयान में कई अहम संकेत दिए हैं, जिन्हें ईरान की आने वाली रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लिया जाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा जाएगा।
मिडिल-ईस्ट से अमेरिका के सभी सैन्य बेस तुरंत खाली किए जाने चाहिए।
क्षेत्र में हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं।
बच्चों और सभी शहीदों की मौत का बदला लिया जाएगा।

 

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