90s के नेशनल क्रश रहे अरविंद स्वामी: सुपरस्टारडम से संघर्ष, पैरालिसिस और फिर 3300 करोड़ के बिजनेस साम्राज्य तक का प्रेरणादायक सफर

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भारतीय सिनेमा में कुछ नाम ऐसे रहे हैं जिन्होंने एक दौर में दर्शकों के दिलों पर राज किया, लेकिन फिर अचानक जिंदगी ने उन्हें ऐसी राह पर ला खड़ा किया जहां संघर्ष ही सबसे बड़ी सच्चाई बन गया। ऐसे ही अभिनेता हैं दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार अरविंद स्वामी, जिन्हें 90 के दशक में ‘नेशनल क्रश’ कहा जाता था।

मणिरत्नम की खोज और सुपरस्टारडम की शुरुआत

महज 20 साल की उम्र में मणिरत्नम की फिल्म ‘थलपति’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले Arvind Swamy ने बहुत जल्दी इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना ली। ‘रोजा’ और ‘बॉम्बे’ जैसी फिल्मों ने उन्हें रातों-रात पैन-इंडिया स्टार बना दिया। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और अभिनय ने उन्हें उस दौर के बड़े सितारों की कतार में खड़ा कर दिया।

हिंदी सिनेमा में कदम, लेकिन करियर में ठहराव

दक्षिण में सफलता के बाद उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी कदम रखा, लेकिन यह सफर उतना सफल नहीं रहा। कई बड़ी फिल्मों के प्रोजेक्ट या तो अधूरे रह गए या लंबे समय तक अटके रहे। लगातार मिल रही असफलताओं और अनिश्चितता ने उन्हें करियर के शिखर पर रहते हुए मात्र 30 साल की उम्र में फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बनाने पर मजबूर कर दिया।

भीषण हादसा और जिंदगी का सबसे कठिन दौर

फिल्मों से दूरी बनाने के बाद उन्होंने पारिवारिक बिजनेस संभालना शुरू किया, लेकिन 2005 में एक गंभीर हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी। इस दुर्घटना में उनके पैर लकवाग्रस्त हो गए और चलना तक मुश्किल हो गया। कई सालों तक इलाज और दर्द से गुजरने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और आयुर्वेदिक इलाज व मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर धीरे-धीरे रिकवरी की।

3300 करोड़ का बिजनेस साम्राज्य खड़ा किया

संघर्ष के इस दौर के बीच उन्होंने अपने बिजनेस पर फोकस किया और कंपनी ‘टैलेंट मैक्सिमस’ के जरिए सफलता की नई कहानी लिखी। साल 2022 की रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी कंपनी का टर्नओवर करीब 418 मिलियन डॉलर यानी लगभग 3300 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो उनकी व्यावसायिक समझ और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है।

मणिरत्नम के साथ दूसरी पारी और दमदार वापसी

लंबे ब्रेक के बाद एक बार फिर उनके गुरु मणिरत्नम ने उन्हें फिल्म ‘कडल’ से अभिनय की दुनिया में वापस लाया। इसके बाद उन्होंने ‘थलाइवी’ में एम.जी. रामचंद्रन जैसे चुनौतीपूर्ण किरदार निभाए और ओटीटी व फिल्मों में लगातार सक्रिय रहे।

नई फिल्म और नई पहचान

अब Arvind Swamy अपनी नई फिल्म ‘गांधी टॉक्स’ को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें वे विजय सेतुपति और अदिति राव हैदरी के साथ नजर आ रहे हैं। उनकी यह वापसी साबित करती है कि असली कलाकार कभी खत्म नहीं होता, वह समय के साथ और निखरता जाता है।

 

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