बिजली बिल से मिलेगी ‘आजादी’: मोदी सरकार की सोलर स्कीम से लाखों परिवारों को राहत, कमाई का भी मौका
नई दिल्ली: देश में बढ़ते बिजली खर्च के बीच केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ आम लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आ रही है। इस योजना के तहत न सिर्फ घरों का बिजली बिल लगभग शून्य किया जा रहा है, बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई का भी अवसर मिल रहा है।
17 लाख से ज्यादा परिवारों का बिजली बिल हुआ शून्य
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना को अपनाने के बाद अब तक 17 लाख से अधिक परिवारों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो चुका है। वहीं कई उपभोक्ता अपनी छत पर लगे सोलर सिस्टम से अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर आय भी अर्जित कर रहे हैं।
लक्ष्य: 1 करोड़ घरों तक सोलर सिस्टम पहुंचाना
केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, इस योजना का लक्ष्य देश के 1 करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाकर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना है। फिलहाल करीब 41 लाख घर इस योजना से जुड़ चुके हैं और सरकार तेजी से विस्तार की दिशा में काम कर रही है।
सरकार का दावा: तेजी से बढ़ रही योजना की रफ्तार
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के अनुसार, योजना के तहत अब तक 65 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उनका कहना है कि दिसंबर तक 75 लाख घरों तक सोलर सिस्टम पहुंचाने का लक्ष्य लगभग पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले जहां हर महीने करीब 7 हजार रूफटॉप सोलर लगाए जाते थे, अब यह संख्या 3 लाख से अधिक हो गई है।
सब्सिडी का बड़ा फायदा
इस योजना के तहत दो किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है, जबकि दो से तीन किलोवाट क्षमता पर अतिरिक्त 40 प्रतिशत केंद्रीय वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। अधिकतम तीन किलोवाट तक सब्सिडी का लाभ मिलता है।
सरकारी भवनों पर भी तेजी से काम
सरकारी जानकारी के मुताबिक, अब तक 53,874 सरकारी भवनों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिससे 855 मेगावाट क्षमता तैयार हुई है। यह लक्ष्य का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा पूरा होने का संकेत देता है।
बिजली बचत के साथ कमाई भी संभव
योजना के तहत अब तक उपभोक्ताओं ने अतिरिक्त बिजली बेचकर 421 करोड़ रुपये से अधिक की आय अर्जित की है। सरकार का दावा है कि इस योजना ने ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया है और लाखों परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है।
