मिशन 2027 का बिगुल! अयोध्या से चुनावी मैदान में उतरेगी बसपा, दो दिन में दो बड़ी जनसभाओं से दिखाएगी ताकत

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब मिशन-2027 को केंद्र में रखकर संगठन और जनाधार मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में बसपा ने 22 और 23 जून को अयोध्या और अकबरपुर में दो बड़ी जनसभाएं आयोजित करने का फैसला किया है। इन कार्यक्रमों को आगामी चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

अयोध्या से होगा चुनावी अभियान का आगाज

पार्टी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति के अहम केंद्र अयोध्या को अपने अभियान के शुरुआती मंच के रूप में चुना है। 22 जून को अयोध्या और 23 जून को अकबरपुर में प्रस्तावित जनसभाओं को सफल बनाने के लिए संगठन के केंद्रीय और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। दोनों कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल संभालेंगे मोर्चा

इन दोनों जनसभाओं की अगुवाई पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल करेंगे। उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और प्रमुख पदाधिकारी भी मंच साझा करेंगे। संगठन का मानना है कि अयोध्या और अकबरपुर क्षेत्र में विश्वनाथ पाल की मजबूत पकड़ है, जिसका लाभ जनसभाओं में मिल सकता है। हाल के दिनों में इस क्षेत्र में हुए संगठनात्मक कार्यक्रमों में भी उनकी सक्रिय भूमिका देखने को मिली है।

सोशल इंजीनियरिंग के फॉर्मूले पर रहेगा फोकस

बसपा इन जनसभाओं के जरिए एक बार फिर अपने पुराने और चर्चित सोशल इंजीनियरिंग मॉडल को मजबूती से सामने लाने की तैयारी में है। पार्टी नेताओं का फोकस दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के बीच अपने संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर रहेगा। इसके साथ ही मायावती सरकार के दौरान कानून व्यवस्था, प्रशासनिक सख्ती और जनकल्याणकारी योजनाओं को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।

मायावती सरकार के सुशासन को बनाया जाएगा मुद्दा

रैलियों में पार्टी नेता जनता के बीच यह संदेश देने का प्रयास करेंगे कि उनके शासनकाल में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत थी। बसपा का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में उसके विकास और सुशासन के मॉडल को लेकर लोगों में फिर से रुचि बढ़ रही है।

जल्द आ सकती है उम्मीदवारों की पहली सूची

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जून महीने के भीतर ही विधानसभा चुनाव 2027 के लिए संभावित उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की जा सकती है। जिन विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी ने पहले से प्रभारी नियुक्त किए हैं, उन्हें इन जनसभाओं के मंच पर विशेष स्थान दिया जाएगा। माना जा रहा है कि कई प्रभारी भविष्य के उम्मीदवारों के रूप में भी सामने आ सकते हैं।

दूसरे दलों के नेताओं पर भी नजर

बसपा केवल जनसभाओं तक ही सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि संगठन विस्तार की दिशा में भी सक्रिय है। जानकारी के अनुसार अन्य राजनीतिक दलों के कुछ असंतुष्ट और प्रभावशाली नेताओं को भी इन कार्यक्रमों के दौरान पार्टी में शामिल कराने की तैयारी की जा रही है। आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह की बड़ी रैलियों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

 

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