योग से वैश्विक पहचान की ओर उत्तराखंड: सीएम धामी ने कहा- देवभूमि बनेगा योग और वेलनेस का ग्लोबल हब
देहरादून: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए योग को भारत की सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग को पूरी दुनिया में नई पहचान मिली है और यह अब सीमाओं से परे जाकर मानवता के कल्याण का माध्यम बन चुका है।
योग को बताया शरीर, मन और आत्मा का संतुलन
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषि पतंजलि द्वारा दिया गया योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह तन, मन और आत्मा का संतुलित समन्वय है। योग व्यक्ति को तनावमुक्त जीवन जीने की दिशा देता है और समाज में मानसिक स्थिरता व अनुशासन को मजबूत करता है।
उत्तराखंड को योग और वेलनेस का वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सदियों से ऋषि-मुनियों की तपस्थली रहा है और यहां का प्राकृतिक वातावरण योग और साधना के लिए अत्यंत अनुकूल है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि नई योग नीति के तहत राज्य में योग और ध्यान केंद्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है, योग प्रशिक्षकों को सहयोग दिया जा रहा है और वेलनेस आधारित रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री की युवाओं से तीन बड़ी अपीलें
मुख्यमंत्री ने युवाओं और नागरिकों से योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए तीन प्रमुख संकल्पों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोग रोजाना योग को अपनाएं, अनुशासित और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा दें और नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान करें। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड के युवा योग के संदेश को जन-जन तक पहुंचाकर राज्य को एक स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध दिशा में आगे ले जाएंगे।
