धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बदला रुख? सोनम वांगचुक की नई शर्तों में नहीं हुआ जिक्र, CJP ने दी सफाई

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नई दिल्ली: शिक्षा व्यवस्था और कथित पेपर लीक मामलों को लेकर लंबे समय से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की नई शर्तों ने सियासी चर्चा तेज कर दी है। अनशन समाप्त करने के लिए जारी किए गए उनके ताजा संदेश में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का कोई उल्लेख नहीं है। इसके बाद उनके रुख में बदलाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने स्पष्ट किया है कि संगठन की मूल मांगों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

अनशन खत्म करने के लिए रखीं तीन शर्तें

सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि वह तीन परिस्थितियों में अपना अनशन समाप्त करेंगे। पहली, सरकार शिक्षा व्यवस्था की कथित विफलताओं और पेपर लीक की घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार करे। दूसरी, उन्हें और CJP के प्रतिनिधियों को संसद पहुंचने दिया जाए, जहां विभिन्न दलों के सांसद शिक्षा से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाने का भरोसा दें। तीसरी, किसी प्रमुख राजनीतिक दल का शीर्ष नेता अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात करे और मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दे।

नई शर्तों में नहीं दिखी इस्तीफे की मांग

वांगचुक की ओर से जारी इस नए संदेश में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल नहीं है। यह इसलिए चर्चा का विषय बना क्योंकि आंदोलन की शुरुआत से ही CJP और वांगचुक लगातार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने और उनके इस्तीफे की मांग उठाते रहे थे।

CJP ने कहा- हमारी मांगें जस की तस

विवाद बढ़ने के बाद CJP ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि संगठन की मांगों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पार्टी ने दोहराया कि वह छात्र आत्महत्या के मामलों में शिक्षा मंत्री से जवाबदेही तय करने और प्रभावित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग पर कायम है। संगठन ने यह भी कहा कि न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा और संसद मार्च का कार्यक्रम भी पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार होगा।

अस्पताल में भर्ती हैं सोनम वांगचुक

सोनम वांगचुक को कुछ दिन पहले जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके समर्थकों का आरोप है कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध अस्पताल में रखा गया है, जबकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कदम चिकित्सकीय सलाह और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है।

संसद मार्च को लेकर भी तैयारियां जारी

मानसून सत्र के पहले दिन प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। CJP ने समर्थकों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की है और किसी भी उकसावे से बचने की सलाह दी है। वहीं, प्रशासन ने संसद क्षेत्र और आसपास के इलाकों में यातायात संबंधी विशेष व्यवस्था लागू की है।

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