वृंदावन आश्रम में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध मौत, कमरे में मिला ग्राइंडर; शरीर पर गंभीर चोट के निशान
वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक की पहचान 30 वर्षीय दीपक लोधी के रूप में हुई है, जिन्होंने करीब दो साल पहले संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। दीक्षा के बाद उनका नाम रसिक दुलारी शरण रखा गया था। शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे वृंदावन स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल की छत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या मानकर चल रही है, लेकिन कमरे से ग्राइंडर मिलने और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान सामने आने के बाद जांच कई सवालों पर केंद्रित हो गई है।
सीसीटीवी में छत से नीचे गिरते दिखे
पुलिस की जांच के मुताबिक, रसिक दुलारी शरण सुबह करीब 10:25 बजे अपने कमरे से बाहर निकले थे। उनके कपड़ों पर खून के धब्बे दिखाई दे रहे थे। कमरे के बाहर कुछ देर रुकने के बाद वह तीसरी मंजिल से होते हुए चौथी मंजिल की छत पर पहुंचे।
सीसीटीवी फुटेज में वह कुछ देर छत पर बैठे नजर आए। इसके बाद करीब 10 सेकंड तक जमीन पर लेटे रहे और फिर अचानक उठकर छत से नीचे गिर गए। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कमरे में मिला ग्राइंडर, शरीर पर मिले कटने के निशान
वृंदावन के सर्कल ऑफिसर संदीप कुमार सिंह के मुताबिक, मौत की पूरी वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की जांच में मृतक के शरीर के निजी हिस्से पर चोट और कटने के निशान भी मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक रक्तस्राव को मौत का मुख्य कारण बताया गया है।
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि छत से गिरने से पहले उन्हें ये गंभीर चोटें कैसे लगीं और इसके पीछे क्या वजह थी। कमरे से ग्राइंडर बरामद होने के बाद इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है।
मोबाइल और डिलीट डेटा की भी जांच
पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि घटना से ठीक पहले मोबाइल से कुछ फोटो, वीडियो या व्हाट्सऐप चैट हटाई गई हो सकती हैं। इन्हें तकनीकी माध्यम से दोबारा प्राप्त करने की कोशिश की जा रही है।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल और मृतक के कपड़ों से खून के नमूने भी एकत्र किए हैं। इसके साथ ही आश्रम में लगे सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर को भी सील कर दिया गया है, ताकि घटना से जुड़े किसी भी साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो सके।
आश्रम की ओर से बयान नहीं आने पर संतों में नाराजगी
घटना के बाद वृंदावन के साधु-संतों में भी असंतोष की स्थिति है। महंत मोहिनी शरण महाराज ने सवाल उठाया है कि घटना के बाद संबंधित आश्रम की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान क्यों जारी नहीं किया गया। फिलहाल पुलिस मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है और फॉरेंसिक तथा मोबाइल डेटा की रिपोर्ट से आगे की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।
