एशियन गेम्स 2026: नीरू धांडा ने रचा इतिहास, महिला ट्रैप में भारत को पहली बार मिला पदक; 28 निशानों के साथ जीता स्वर्ण
आइची-नागोया: एशियन गेम्स 2026 में भारत की नीरू धांडा ने शूटिंग में इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिलाओं की शॉटगन ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इस इवेंट में भारत को पहला पदक दिलाया। नीरू ने फाइनल में 30 में से 28 निशाने सटीक लगाए। चीन की यूनॉन्ग सुन ने 26 के स्कोर के साथ रजत पदक जीता। नीरू के इस प्रदर्शन के साथ एशियन रिकॉर्ड भी उनके नाम हो गया।
36 साल का इंतजार हुआ खत्म
महिलाओं की शॉटगन ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा 1990 में एशियन गेम्स का हिस्सा बनी थी। इसके बाद 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स तक भारत इस स्पर्धा में एक भी पदक नहीं जीत सका था। आइची-नागोया में नीरू ने 36 साल से चले आ रहे इस इंतजार को खत्म कर दिया।
खास बात यह रही कि इस स्पर्धा में भारत को पहला पदक सीधे स्वर्ण के रूप में मिला। नीरू इस स्पर्धा में पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं।
फाइनल में 30 में से 28 निशाने सटीक
नीरू ने फाइनल में 30 में से 28 निशाने सटीक लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनके प्रदर्शन ने न केवल खिताब दिलाया, बल्कि महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा का एशियन रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
इससे पहले इस स्पर्धा का एशियन रिकॉर्ड 24 अंक था। चीनी ताइपे की वान यू लियू ने 19 जनवरी 2026 को यह रिकॉर्ड बनाया था। नीरू ने 28 अंक के साथ पुराने रिकॉर्ड में चार अंकों का सुधार किया।
पुरुष ट्रैप में भारत के नाम पहले से पांच पदक
पुरुषों की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में भारत पहले ही कई पदक जीत चुका है। 1978 बैंकॉक एशियन गेम्स में रंधीर सिंह ने स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने 1982 नई दिल्ली एशियन गेम्स में कांस्य पदक हासिल किया।
मानवजीत सिंह संधू ने 2006 दोहा एशियन गेम्स में रजत पदक जीता था। वहीं, नीरू के भाई लक्ष्य श्योरण ने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में रजत पदक अपने नाम किया था। 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में किनन चेनाई ने कांस्य पदक जीता था। इस तरह पुरुषों की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में भारत के नाम पहले से पांच पदक हैं।
1990 से चीन समेत कई देशों ने जीते पदक, भारत खाली हाथ रहा
महिलाओं का शॉटगन ट्रैप इवेंट पहली बार 1990 के बीजिंग एशियन गेम्स में शामिल किया गया था। इसके बाद चीन, जापान, उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और लेबनान के खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में पदक जीते। हालांकि, 2022 हांगझोउ गेम्स तक भारत को इस इवेंट में पोडियम स्थान नहीं मिल सका था।
नीरू के स्वर्ण के साथ अब इस सूची में भारत का नाम भी जुड़ गया है।
आइची-नागोया में भारत का पहला व्यक्तिगत स्वर्ण
नीरू का स्वर्ण पदक इस एशियाड में भारत के लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि यह किसी व्यक्तिगत स्पर्धा में देश का पहला स्वर्ण है। इससे पहले भारत के चार स्वर्ण टीम या मिश्रित टीम स्पर्धाओं में आए थे।
महिला क्रिकेट टीम, पुरुष कबड्डी टीम, महिला कबड्डी टीम और शूटिंग की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत ने स्वर्ण पदक जीता था। अब नीरू ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत को पहला स्वर्ण दिलाकर एक और उपलब्धि अपने नाम कर ली है।
पहला पदक, पहला स्वर्ण और नया एशियन रिकॉर्ड
नीरू धांडा की जीत ने महिला ट्रैप में भारत के 36 साल लंबे इंतजार को खत्म कर दिया। 30 में से 28 निशाने लगाने के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक जीता और नया एशियन रिकॉर्ड बनाया। इस तरह आइची-नागोया एशियन गेम्स में नीरू ने एक ही प्रदर्शन के साथ भारत के लिए इस स्पर्धा का पहला पदक और पहला स्वर्ण अपने नाम कर लिया।
