अमेरिका में डीजल की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर, ट्रंप का बड़ा ऐलान; रणनीतिक भंडार से जारी होगा 10 करोड़ बैरल तेल
वाशिंगटन: अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि यूरोपीय देश अपने रणनीतिक भंडार से बड़ी मात्रा में डीजल जारी करने पर सहमत हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सात प्रमुख औद्योगिक देशों के समूह जी7 ने रणनीतिक भंडार से 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसकी शुरुआत बड़े पैमाने पर डीजल की आपूर्ति से होगी और प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी।
अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में डीजल की राष्ट्रीय औसत कीमत 22 सितंबर को 6.52 डॉलर प्रति गैलन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। शुक्रवार को यह घटकर 6.37 डॉलर प्रति गैलन रही। ईंधन की ऊंची कीमतों से अमेरिकी उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र पर दबाव बना हुआ है।
फ्रांस ने तेल जारी करने की योजना बताई
अमेरिका स्थित फ्रांसीसी दूतावास के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बढ़ती ईंधन कीमतों और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर जी7 के अध्यक्ष और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से रात में बातचीत की थी। इसके बाद मैक्रों ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जी7 नेताओं की बैठक की अध्यक्षता की।
इस पहल के समन्वय की जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी को दी गई है। फ्रांस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, एजेंसी के माध्यम से 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने की प्रतिबद्धताओं को तत्काल लागू किया जाएगा। यह प्रक्रिया चार महीने तक चलेगी।
इस दौरान जी7 के सदस्य और साझेदार देश शुरुआती 20 दिनों में बड़ी मात्रा में डीजल जारी करेंगे। इसका उद्देश्य बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाना और ईंधन की कीमतों पर दबाव कम करने में मदद करना है।
मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप पर बढ़ा दबाव
अमेरिका में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ईंधन की बढ़ती कीमतें राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए चुनौती बनी हुई हैं। एपी-एनओआरसी के नए सर्वेक्षण के अनुसार, अधिकांश अमेरिकी नागरिक बढ़ती कीमतों के लिए ट्रंप को जिम्मेदार मानते हैं। अर्थव्यवस्था के प्रबंधन को लेकर उनकी लोकप्रियता रेटिंग में भी गिरावट दर्ज की गई है।
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर आम लोगों के खर्च और परिवहन लागत पर पड़ रहा है। ऐसे में सरकार पर महंगाई को नियंत्रित करने और ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए कदम उठाने का दबाव बढ़ा है।
ईरान युद्ध और व्यापारिक तनाव का भी असर
ईरान युद्ध और व्यापारिक टकरावों के बीच अमेरिका में तेल समेत कई वस्तुओं की कीमतों में तेजी आई है। लंबे समय से जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई है, जिसका असर अमेरिका समेत कई देशों में ईंधन की कीमतों पर पड़ा है।
राष्ट्रपति ट्रंप लगातार यह तर्क देते रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए युद्ध की आर्थिक कीमत स्वीकार्य है। उनका दावा है कि संघर्ष समाप्त होने के बाद ईंधन की कीमतें नीचे आ सकती हैं। हालांकि, युद्ध कब समाप्त होगा और ऊर्जा बाजार पर इसका असर कितने समय तक बना रहेगा, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
जी7 की ओर से रणनीतिक भंडार से तेल जारी करने की पहल के जरिए बाजार में आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इससे डीजल की खुदरा कीमतों में कितनी और कितनी जल्दी राहत मिलेगी, यह मांग, आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
