जयशंकर की आइवरी कोस्ट के राष्ट्रपति से मुलाकात, रक्षा से लेकर कृषि और स्वास्थ्य तक सहयोग बढ़ाने पर जोर

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अबिदजान: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आइवरी कोस्ट के राष्ट्रपति अलासाने औटारा से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। बातचीत में आपसी सम्मान, विकास और समृद्धि के लिए साझा प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया। जयशंकर इन दिनों घाना, आइवरी कोस्ट और इथियोपिया की तीन देशों की यात्रा पर हैं। आइवरी कोस्ट इस दौरे का दूसरा पड़ाव है।

राष्ट्रपति अलासाने औटारा से मुलाकात

जयशंकर ने राष्ट्रपति अलासाने औटारा से मुलाकात के दौरान उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत और आइवरी कोस्ट की साझेदारी आपसी सम्मान और दोनों देशों के विकास व समृद्धि के साझा लक्ष्य पर आधारित है।

विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति औटारा को मजबूत, दीर्घकालिक और दोनों देशों के लिए लाभकारी साझेदारी का दृष्टिकोण साझा करने के लिए धन्यवाद दिया।

रक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

अबिदजान में जयशंकर ने आइवरी कोस्ट के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री तेने बिराहिमा औटारा से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग की समीक्षा की गई और इसे आगे बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई।

जयशंकर के मुताबिक, बातचीत में आपसी भरोसे, क्षमता निर्माण और साझा हितों पर आधारित रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया। दोनों पक्षों ने प्रशिक्षण, संस्थागत स्तर पर आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण के जरिए रक्षा तथा आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया।

औटारा ने भी इस बैठक को दोनों देशों के बीच सहयोग मजबूत करने की दिशा में अहम बताया। उन्होंने कहा कि बातचीत ने शांति, सुरक्षा और विकास के लिए रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।

व्यापार, निवेश और कृषि क्षेत्र में सहयोग पर जोर

विदेश मंत्री जयशंकर ने आइवरी कोस्ट की विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की राज्य मंत्री नियाले काबा के साथ भी बैठक की। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने के साथ व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे, कृषि और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी को आगे ले जाने के लिए व्यापक बातचीत हुई। इसमें दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने और विकास से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर भी ध्यान दिया गया।

उन्होंने जोर दिया कि भारत का सहयोग लोगों को केंद्र में रखकर और आइवरी कोस्ट की प्राथमिकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने पर भी विचार किया गया।

आईटीईसी कार्यक्रम के जरिए क्षमता निर्माण पर जोर

जयशंकर ने आइवरी कोस्ट में भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग यानी आईटीईसी कार्यक्रम के पूर्व छात्रों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ भारत के संबंधों में विकास साझेदारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की सहायता अफ्रीकी साझेदार देशों की जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुरूप होनी चाहिए। वर्ष 1964 में शुरू हुआ आईटीईसी कार्यक्रम दूसरे देशों के साथ क्षमता निर्माण और सहयोग बढ़ाने के लिए भारत के प्रमुख माध्यमों में शामिल है।

इस दौरान जयशंकर ने आइवरी कोस्ट में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत की।

अफ्रीकी देशों के साथ संबंध मजबूत करने की पहल

जयशंकर की यह यात्रा भारत और अफ्रीकी देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करने की कोशिशों के बीच हो रही है। भारत वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

इस साझेदारी के तहत व्यापार और निवेश के अलावा रक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, बुनियादी ढांचे और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में संबंधों को विस्तार देने पर ध्यान दिया जा रहा है।

 

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