सूडान में बाजार पर भीषण ड्रोन हमला, 100 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा; सेना पर आरोप
व्यस्त बाजार में हमले से मची तबाही, स्वतंत्र जांच की मांग
मानवाधिकार संगठन इमरजेंसी लॉयर्स ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस घटना ने आम नागरिकों के बाजार को मौत और तबाही के मंजर में बदल दिया। संगठन के अनुसार, इस हमले से स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हुआ है और पहले से युद्ध की मार झेल रहे नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
संगठन ने संबंधित पक्षों से घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। हालांकि, हमले के लिए सूडानी सेना को जिम्मेदार ठहराने वाला आरोप संगठन की ओर से लगाया गया है।
अस्पताल में 36 शव पहुंचने की जानकारी, घायलों की संख्या पर अलग-अलग आंकड़े
अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा संगठन डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) ने इससे पहले बताया था कि न्याला स्थित उसके अस्पताल में 36 शव लाए गए थे। संगठन के मुताबिक, अस्पताल के आपातकालीन विभाग में 150 घायल भी पहुंचे थे।
हमले में मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। ऐसे में घटना में कुल हताहतों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
न्याला फिलहाल अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के नियंत्रण में है। यह संगठन अप्रैल 2023 से सूडानी सेना के खिलाफ संघर्ष कर रहा है।
सूडान में ड्रोन हमलों से नागरिकों की सुरक्षा पर बढ़ा खतरा
सूडान के गृहयुद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में सूडानी सेना और आरएसएफ, दोनों की ओर से ड्रोन हमलों में तेजी आई है। इन हमलों में सैकड़ों लोगों की जान जाने की जानकारी सामने आई है।
युद्ध में शामिल दोनों पक्ष विस्फोटकों से लैस ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई घटनाओं में अस्पतालों, बांधों, स्कूलों, बाजारों और विस्थापित लोगों के शिविरों जैसे नागरिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं।
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, ड्रोन हमले सूडान में आम नागरिकों के लिए गंभीर और घातक खतरा बन गए हैं। ताजा घटना ने संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
सूडान में 3.4 करोड़ लोगों को मानवीय सहायता की जरूरत
सूडान में जारी संघर्ष ने बड़े मानवीय संकट का रूप ले लिया है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, देश में करीब 3.4 करोड़ लोगों को मानवीय सहायता की जरूरत है। यह आंकड़ा सूडान की कुल आबादी के लगभग दो-तिहाई हिस्से के बराबर है।
सूडान में गृहयुद्ध अप्रैल 2023 में शुरू हुआ था। उस समय सूडानी सेना और अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के बीच बढ़ता तनाव राजधानी खार्तूम में खुले संघर्ष में बदल गया। इसके बाद हिंसा देश के अन्य हिस्सों तक फैल गई।
न्याला के बाजार पर हुआ ताजा ड्रोन हमला इस संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चुनौतियों को सामने लाता है। हमले की परिस्थितियों और जिम्मेदारी की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
