‘जनता चाहेगी तो राजनीति में एंट्री’… अभिजीत दीपके ने चुनाव लड़ने के दिए संकेत, पार्टी बनाने पर भी रखी बड़ी शर्त
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भविष्य में राजनीति में आने की संभावना से इनकार नहीं किया है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि फिलहाल उनका राजनीति में उतरने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जनता की व्यापक मांग होती है तो वह पार्टी बनाने और चुनाव लड़ने जैसे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।
जनता की मांग पर होगा फैसला
एक इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने कहा कि वर्तमान समय में राजनीति में प्रवेश उनकी प्राथमिकता नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर अधिकांश लोग उनसे राजनीति में आने की मांग करेंगे, तो वह इस पर गंभीरता से विचार करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आगे चलकर चुनाव लड़ने का फैसला भी जनता की इच्छा के आधार पर लिया जा सकता है।
‘देश को राजनीतिक दल नहीं, जन आंदोलन की जरूरत’
अभिजीत दीपके का कहना है कि मौजूदा समय में भारत को किसी नए राजनीतिक दल से ज्यादा एक व्यापक जन आंदोलन की आवश्यकता है। उनके अनुसार, ऐसा आंदोलन देश की विभिन्न संस्थाओं में लोगों का भरोसा और जवाबदेही दोबारा स्थापित करने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका संगठन युवाओं की आवाज को प्रमुखता से उठाने पर केंद्रित रहेगा।
युवाओं के भरोसे का मुद्दा उठाया
उन्होंने दावा किया कि देश का एक बड़ा युवा वर्ग राजनीति, न्यायपालिका और मीडिया जैसी संस्थाओं पर भरोसा खोता जा रहा है। उनके मुताबिक, युवाओं से संवाद करना और उनकी वास्तविक अपेक्षाओं को समझना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि संगठन का फोकस इसी दिशा में काम करने पर रहेगा।
मोहन भागवत के युवा संवाद पर भी दी प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के युवाओं से प्रस्तावित संवाद कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि युवाओं के साथ संवाद होना सकारात्मक कदम है। हालांकि उन्होंने सुझाव दिया कि यदि ऐसे कार्यक्रमों में युवा प्रतिनिधियों को भी प्रमुख भूमिका दी जाए तो संवाद अधिक प्रभावी हो सकता है। उनका कहना था कि युवा वर्ग को अपनी पीढ़ी के लोगों से जुड़ाव अधिक महसूस होता है।
झारखंड में छात्रों की अनदेखी का आरोप
अभिजीत दीपके ने झारखंड में जारी छात्र आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और उनकी अनदेखी की जा रही है।
