राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बृजभूषण का बड़ा संकेत! बोले- सच बोल दिया तो मुश्किल में पड़ जाऊंगा, ‘वे’ बहुत बड़े लोग हैं
गोंडा : अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग और चोरी को लेकर जारी विवाद के बीच भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बयान चर्चा का केंद्र बन गया है। मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे बृजभूषण ने मामले पर ऐसा संकेत दिया है, जिसने राजनीतिक और धार्मिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत कुछ पता है, लेकिन अगर वह सच बोलेंगे तो बड़ी परेशानी में पड़ सकते हैं।
दिल्ली प्रवास से करीब दस दिन बाद अपने गृह जनपद गोंडा पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि फिलहाल उनके अंदर सच बोलने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं बहुत कमजोर आदमी हूं। अगर सच बोल दूंगा तो बहुत परेशानी में पड़ जाऊंगा। वे बहुत बड़े लोग हैं। अभी सच बोलने की हिम्मत नहीं है, समय आने पर सब बताऊंगा।”
हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनके बयान में जिन “बड़े लोगों” का जिक्र है, वह किसकी ओर इशारा कर रहे थे।
तुलसीदास की चौपाई सुनाकर बयां की अपनी स्थिति
बातचीत के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने गोस्वामी तुलसीदास की प्रसिद्ध चौपाई “जिमि दसनन महुं जीभ बिचारी, सुनहु पवनसुत रहनि हमारी” का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह चौपाई विभीषण ने हनुमान जी से अपनी स्थिति बताने के लिए कही थी।
बृजभूषण ने कहा कि उनकी स्थिति भी कुछ वैसी ही है, जैसे 32 कठोर दांतों के बीच एक कोमल जीभ रहती है। उनके इस बयान को भी मौजूदा विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
चंपत राय पर सवाल टाला
जब पत्रकारों ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर सवाल पूछा तो बृजभूषण शरण सिंह ने सीधे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह उनका विषय नहीं है और वह इस पर कुछ नहीं कहना चाहते।
पूर्व लेखा प्रभारी के दावों से बढ़ा विवाद
राम मंदिर चढ़ावे को लेकर विवाद उस समय और गहरा गया, जब मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितताएं और चोरी कई वर्षों से होती रही हैं।
महिपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बाद नोटों की गिनती वाले कक्ष के कई महीनों के सीसीटीवी फुटेज हटवा दिए गए।
‘शिकायत की तो मुझे ही हटा दिया गया’
महिपाल सिंह ने दावा किया कि नोटों की गिनती के लिए 14 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती थी और बैंक के अधिकारी रोजाना नकदी लेकर जाते थे। उनके मुताबिक नोटों की गड्डियों की संख्या में कथित गड़बड़ी की जाती थी और रिकॉर्ड में कम संख्या दर्ज की जाती थी।
उन्होंने कहा कि एक बार संदेह होने पर बक्सों को खुलवाकर दोबारा गिनती कराई गई, जिसमें करीब पांच लाख रुपये अधिक पाए गए। महिपाल का आरोप है कि शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही जिम्मेदारी से हटा दिया गया।
सियासत भी हुई तेज
राम मंदिर चढ़ावे को लेकर उठे आरोपों पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं, जबकि आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह भी मामले को लेकर सवाल खड़े कर चुके हैं।
ऐसे माहौल में बृजभूषण शरण सिंह का बयान विवाद को और अधिक चर्चा में ले आया है। हालांकि अभी तक आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से भी अपने-अपने स्तर पर स्पष्टीकरण दिए जा रहे हैं।
