Bihar Weather Alert: बिहार में आज भारी बारिश और वज्रपात का खतरा, कई जिलों में येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी

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पटना: बिहार में मई महीने के दौरान मौसम का बदला हुआ मिजाज लोगों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गया है। मानसून आने से पहले ही राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, भारी बारिश और वज्रपात की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। खराब मौसम की वजह से जहां जान-माल का नुकसान हो रहा है, वहीं किसानों की फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।

मौसम विभाग ने बुधवार को भी बिहार के कई जिलों में वज्रपात, तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

इन जिलों में येलो अलर्ट जारी

मौसम विभाग के अनुसार बिहार के उत्तर-मध्य हिस्से के अररिया, जमुई, खगड़िया, मधेपुरा, मुंगेर, सहरसा और सुपौल जिलों में एक या दो स्थानों पर वज्रपात के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

इन जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।

कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

वहीं बांका, भागलपुर, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया जिलों में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में वज्रपात के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

प्रशासन को भी सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन से जुड़े इंतजाम दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।

10 मई तक खराब मौसम के आसार

मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल बिहार को खराब मौसम से राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। 10 मई तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा।

08 मई को बिहार के उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा 09 मई को उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई इलाकों में भी खराब मौसम का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 10 मई को उत्तर-पूर्व बिहार में मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है।

आंधी-बारिश से फसलों को भारी नुकसान

सोमवार शाम आई तेज आंधी और बारिश का असर अब खेती-किसानी पर साफ दिखाई देने लगा है। आम, लीची, प्याज और अन्य सब्जियों की फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।

पटना जिले में आम के करीब 30 प्रतिशत टिकोले झड़ गए हैं। किसानों का कहना है कि इस बार दीघा के प्रसिद्ध दुधिया मालदा आम की पैदावार प्रभावित हो सकती है।

मुजफ्फरपुर में लीची की फसल पर संकट

मुजफ्फरपुर में इस बार लीची की फसल मौसम की सबसे ज्यादा मार झेल रही है। पहले कम मंजर आने और फिर अधिक तापमान से फसल प्रभावित हुई। इसके बाद आंधी और ओलावृष्टि ने बची हुई फसल को नुकसान पहुंचाया।

अब स्टिंक बग कीट के प्रकोप ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। जिले के कांटी, मीनापुर, बोचहां, मुशहरी, बंदरा और कुढ़नी जैसे इलाकों में बागानों में केवल 25 से 40 प्रतिशत लीची ही बची है।

किसानों का कहना है कि पिछले दस वर्षों में मौसम का ऐसा बदलाव पहली बार देखने को मिला है।

भागलपुर, सहरसा और बेतिया में भी असर

भागलपुर में जर्दालू आम की पैदावार में करीब 10 प्रतिशत तक कमी आने का अनुमान है। हालांकि बारिश की वजह से आम का आकार बड़ा और स्वाद बेहतर होने की संभावना जताई जा रही है।

सहरसा में गुलाबखास आम के बागानों को आंधी से नुकसान पहुंचा है। यहां बड़ी संख्या में टिकोले गिर गए हैं, जिससे उत्पादन घटने की आशंका है।

वहीं बेतिया में जर्दा आम की खेती पर भी मौसम की मार पड़ी है। किसानों के मुताबिक आंधी और मधुआ रोग के कारण करीब 30 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है।

 

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