चंदौली में 24 घंटे में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, डेढ़ लाख की सुपारी देकर कराई गई हत्या; रेलवे लोको पायलट निकला मास्टरमाइंड
चंदौली: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में हुए चर्चित मनोज कुमार हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। जांच में सामने आया है कि कर्ज, ब्याज के लेन-देन और पुरानी रंजिश के चलते इस हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस के अनुसार, मनोज कुमार की हत्या के लिए डेढ़ लाख रुपये की सुपारी दी गई थी और इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार रेलवे में कार्यरत एक लोको पायलट है।
6 जून को हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। अधिकारियों के मुताबिक, साजिश के तहत पहले मनोज कुमार को रुपये लौटाने के बहाने घर से बाहर बुलाया गया और फिर सुनसान स्थान पर ले जाकर उनके सिर और सीने में गोली मार दी गई।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुली साजिश की परतें
हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी संसाधनों का सहारा लिया। इसी जांच के आधार पर पुलिस मुख्य शूटर तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी बरामद कर ली है। अधिकारियों के अनुसार, हथियार की बरामदगी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर फरार होने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे घेर लिया, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी और उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।
लोको पायलट पर हत्या की साजिश रचने का आरोप
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया है कि हत्या की पूरी योजना रेलवे के एक लोको पायलट ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बनाई थी। कर्ज और ब्याज को लेकर चल रहे विवाद के कारण आरोपी ने मनोज कुमार को रास्ते से हटाने की साजिश रची और इसके लिए सुपारी देकर हत्या करवाई।
पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
एसपी ने टीम को दिया 50 हजार रुपये का पुरस्कार
मामले के खुलासे को लेकर पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि अलीनगर थाना पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम ने लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के जरिए इस ब्लाइंड मर्डर केस का 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश किया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की सतर्कता और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से मुख्य आरोपी शूटर की गिरफ्तारी और हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी संभव हो सकी। उत्कृष्ट कार्य के लिए पूरी पुलिस टीम को 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि हत्याकांड में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
