इबोला वायरस को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट मोड में, जेपी नड्डा ने की हाई लेवल बैठक; सभी बॉर्डर पर सख्त निगरानी के निर्देश

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नई दिल्ली: इबोला वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को इस मुद्दे पर हाई लेवल बैठक कर देश की तैयारियों और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की। सरकार ने स्पष्ट किया है that भारत में अब तक इबोला संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी एहतियाती कदम तेज कर दिए गए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इबोला वायरस को लेकर वैश्विक स्थिति और भारत की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संक्रमण की रोकथाम से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह सक्रिय और प्रभावी बनी रहें।

देश के सभी एंट्री प्वाइंट्स पर सख्त स्क्रीनिंग के निर्देश

जेपी नड्डा ने अधिकारियों को हवाई अड्डों, बंदरगाहों और भूमि सीमाओं समेत देश के सभी प्रवेश बिंदुओं पर स्क्रीनिंग व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। सरकार चाहती है कि किसी भी संदिग्ध मामले की पहचान शुरुआती स्तर पर ही हो सके, ताकि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने भी विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में तालमेल, निगरानी और आपातकालीन तैयारियों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।

ICMR और NCDC को भी दिए गए अहम निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) को इबोला वायरस की जांच, पहचान और निगरानी से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं लगातार सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने साफ किया है कि किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

WHO के अलर्ट के बाद बढ़ी चिंता

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इबोला वायरस के प्रकोप को ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता वाला सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित किया है। इसके बाद दुनियाभर में स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। वहीं, ‘अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन’ ने भी इसे महाद्वीपीय सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल करार दिया है।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, देश के सभी एंट्री प्वाइंट्स पर निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर खास जोर दिया जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।

 

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