Global Liveability Index 2026: रहने के लिए दुनिया के सबसे बेहतरीन शहरों की नई रैंकिंग जारी, दिल्ली 120वें और मुंबई 121वें स्थान पर

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नई दिल्ली: दुनिया के सबसे रहने योग्य शहरों की नई वैश्विक रैंकिंग जारी हो गई है। ‘ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2026’ में 173 शहरों का शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, स्थिरता, बुनियादी ढांचा और संस्कृति जैसे प्रमुख मानकों पर मूल्यांकन किया गया है। इस बार भी डेनमार्क का कोपेनहेगन दुनिया का सबसे रहने योग्य शहर बना हुआ है। वहीं भारतीय शहरों में नई दिल्ली को 120वां और मुंबई को 121वां स्थान मिला है।

भारतीय शहरों की रैंकिंग में दिल्ली सबसे आगे

रिपोर्ट के अनुसार भारत के प्रमुख शहरों में नई दिल्ली 120वें स्थान पर है। इसके बाद मुंबई 121वें, चेन्नई 123वें और बेंगलुरु 127वें स्थान पर हैं। खास बात यह है कि नई दिल्ली और मुंबई की रैंकिंग पिछले वर्ष की तुलना में अपरिवर्तित रही और दोनों शहर अपने पुराने स्थान पर कायम हैं।

दुनिया में कोपेनहेगन फिर बना नंबर-1 शहर

रिपोर्ट में डेनमार्क के कोपेनहेगन ने लगातार शीर्ष स्थान बनाए रखा है। इसने ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना और ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया। शहर को स्थिरता, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सर्वोच्च अंक मिले हैं, जबकि संस्कृति, पर्यावरण और सार्वजनिक सेवाओं के मामले में भी इसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला शहर माना गया है।

किन मानकों पर तैयार हुई रैंकिंग

इस वैश्विक सूचकांक में 173 शहरों का मूल्यांकन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, बुनियादी ढांचा, स्थिरता, संस्कृति और पर्यावरण जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया। इन्हीं पहलुओं के संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर शहरों की अंतिम रैंकिंग तय की गई।

अमेरिका और कनाडा की स्थिति

रिपोर्ट के मुताबिक शीर्ष 10 शहरों में उत्तरी अमेरिका से केवल कनाडा का वैंकूवर जगह बना सका, जिसे नौवां स्थान मिला है। वहीं अमेरिका का न्यूयॉर्क तीन स्थान की छलांग लगाकर 66वें नंबर पर पहुंच गया। अपराध दर और सुरक्षा संबंधी हालात में सुधार के चलते उसके स्थिरता स्कोर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बावजूद होनोलूलू 25वें स्थान के साथ अमेरिका का सर्वोच्च रैंकिंग वाला शहर बना हुआ है।

एशियाई शहरों की रैंकिंग में सुधार

रिपोर्ट में एशिया के औसत लिवेबिलिटी स्कोर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 की तुलना में चीन के 10 शहरों की रैंकिंग बेहतर हुई है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को इस बढ़त का प्रमुख कारण बताया गया है। फुझोऊ सात स्थान की छलांग लगाकर 93वें नंबर पर पहुंच गया है। रिपोर्ट के अनुसार अब शीर्ष 20 शहरों में एशिया के नौ और यूरोप के सात शहर शामिल हैं।

पश्चिमी यूरोप अब भी सबसे मजबूत क्षेत्र

रिपोर्ट के अनुसार पश्चिमी यूरोप रहने के लिहाज से अब भी दुनिया का सबसे बेहतर क्षेत्र बना हुआ है, हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में उसके औसत स्कोर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। इसके विपरीत एशिया के औसत स्कोर में सुधार देखने को मिला है।

युद्ध का असर खाड़ी देशों की रैंकिंग पर

रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान युद्ध का असर खाड़ी क्षेत्र के शहरों की रैंकिंग पर भी पड़ा है। मस्कट 14 स्थान फिसलकर 123वें और कुवैत सिटी 12 स्थान गिरकर 105वें नंबर पर पहुंच गया। वहीं सीरिया की राजधानी दमिश्क एक बार फिर दुनिया का सबसे कम रहने योग्य शहर रही। ईरान की राजधानी तेहरान 164वें और यूक्रेन की राजधानी कीव 166वें स्थान पर दर्ज किए गए हैं।

 

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