लोन की EMI चूकी तो बंद हो सकती हैं फोन की सुविधाएं! RBI के नए प्रस्ताव ने बढ़ाई करोड़ों मोबाइल यूजर्स की चिंता

mobile-stop-1779300008

मुंबई: अगर आपने स्मार्टफोन लोन पर खरीदा है और समय पर उसकी EMI नहीं भरते हैं, तो आने वाले समय में आपका मोबाइल आंशिक रूप से ब्लॉक किया जा सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के एक नए प्रस्ताव ने करोड़ों मोबाइल यूजर्स की टेंशन बढ़ा दी है। प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, डिवाइस लोन में डिफॉल्ट करने पर बैंक फोन की कुछ सुविधाओं को सीमित कर सकेगा।

हालांकि RBI ने साफ किया है कि यह नियम केवल उन्हीं मामलों में लागू होगा, जहां मोबाइल, टैबलेट या अन्य डिवाइस बैंक या फाइनेंस कंपनी के जरिए लोन पर खरीदे गए हों। पर्सनल लोन, कार लोन या होम लोन का भुगतान न करने पर किसी का फोन ब्लॉक नहीं किया जाएगा।

90 दिन EMI नहीं भरी तो हो सकती है कार्रवाई

RBI के प्रस्ताव के अनुसार, अगर कोई ग्राहक 90 दिनों तक लगातार EMI नहीं चुकाता है, तो बैंक कार्रवाई कर सकता है। हालांकि इससे पहले ग्राहक को नोटिस देना अनिवार्य होगा। नोटिस के बाद बैंक फोन की कुछ सुविधाओं को सीमित या बंद कर सकेगा।

बताया जा रहा है कि यह कदम डिवाइस लोन में बढ़ते डिफॉल्ट को रोकने और रिकवरी प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है।

पूरी तरह बंद नहीं होगा मोबाइल

RBI ने ग्राहकों को राहत देते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि बैंक किसी का फोन पूरी तरह बंद नहीं कर सकेगा। इंटरनेट एक्सेस, इनकमिंग कॉल, SOS सुविधा और सरकारी इमरजेंसी अलर्ट जैसी जरूरी सेवाएं चालू रहेंगी। यानी ग्राहक पूरी तरह संपर्क से बाहर नहीं होगा।

इस प्रस्ताव को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की हो रही है कि बैंक सिर्फ गैर-जरूरी फीचर्स पर रोक लगा पाएंगे।

EMI जमा करते ही एक घंटे में शुरू करनी होंगी सेवाएं

प्रस्तावित नियमों में ग्राहकों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। RBI ने कहा है कि जैसे ही ग्राहक बकाया EMI जमा करेगा, बैंक को एक घंटे के भीतर फोन की बंद की गई सुविधाएं दोबारा चालू करनी होंगी।

अगर बैंक ऐसा करने में देरी करता है, तो उसे ग्राहक को 250 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से मुआवजा देना पड़ सकता है।

रिकवरी एजेंट्स पर भी RBI की सख्ती

RBI ने रिकवरी एजेंट्स के व्यवहार को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। नए प्रस्ताव के तहत एजेंट्स ग्राहकों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे और न ही सोशल मीडिया पर उनकी जानकारी या वीडियो साझा कर पाएंगे।

इसके अलावा जरूरत से ज्यादा कॉल या मैसेज भेजना भी नियमों के खिलाफ माना जाएगा। RBI चाहता है कि रिकवरी प्रक्रिया में ग्राहकों की गरिमा और निजता बनी रहे।

बैंकों को रखना होगा कॉल रिकॉर्ड

प्रस्तावित नियमों के तहत बैंकों और फाइनेंस कंपनियों को रिकवरी से जुड़ी सभी कॉल्स का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा। किस ग्राहक को कब कॉल की गई, कितनी बार संपर्क किया गया और बातचीत में क्या कहा गया, इसका पूरा डेटा रिकॉर्ड में रखना अनिवार्य होगा।

RBI ने इन प्रस्तावित नियमों पर 31 मई तक आम लोगों और संस्थाओं से सुझाव मांगे हैं। माना जा रहा है कि नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू किए जा सकते हैं।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Samayik Sahara के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...

एक नज़र